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अफजाल को दोबारा मिली बड़े अंतर से जीत

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गाजीपुर। गाजीपुर लोकसभा सीट पर अफजाल अंसारी की यह दूसरी बड़ी जीत है। यहां मोदी की सुनामी इस बार बेअसर रही। देखा जाए तो अफजाल अंसारी जब भी इस लोकसभा सीट से चुनावी जंग लड़े जीत उन्हीं के खाते में दर्ज हुई। केवल जीत ही उनके खाते में दर्ज नहीं हुई, बल्कि सबसे अधिक मतों के अंतर से जीत का रिकार्ड भी उनके नाम रहा। गाजीपुर की राजनीति पर अफजाल की पकड़ काफी मजबूत है, यह साफ दिखाई देता है। अफजाल ने अपने संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक मत अपने नाम रखा है। जबकि बलिया लोकसभा क्षेत्र के पड़ने वाले दो विधानसभाओं में भी कुछ ऐसा ही उनका प्रभाव है। यहां से गठबंधन के उम्मीदवार सनातन पांडेय को मुहम्मदाबाद विस क्षेत्र से एक लाख दस हजार मत और जहूराबाद विस क्षेत्र से एक लाख 15 हजार वोट मिला है। इन दोनों विस क्षेत्र के वोटों को मिलाकर गठबंधन के उम्मीदवार को पचास हजार से अधिक की बढ़त मिली थी। यह अलग बात है कि वह 15 हजार वोटों से पराजित हो गए।
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लोकसभा चुनाव की मतगणना गुरुवार की देर रात संपन्न हो गई। इस चुनाव में बसपा-सपा गठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी ने दूसरी बार सदन का प्रतिनिधित्व करने का न केवल गौरव हासिल किया, बल्कि इस जीत के साथ दूसरी बार बड़े अंतर से कामयाबी का परचम लहराने का रिकार्ड भी अपने नाम दर्ज किया है। पहली बार अफजाल अंसारी वर्ष 2004 में गाजीपुर सीट से चुनाव लड़े थे। चुनावी रण में उस समय कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे। तब सपा के टिकट से चुनाव मैदान में उतरे अफजाल अंसारी को कुल 4, 15, 646 मत मिले थे। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी मनोज सिन्हा को दो लाख 26 हजार 811 मतों से हराया था। इस सीट पर जीत का यह अंतर आजादी के बाद हुए लोस चुनाव में सबसे बड़ा अंतर रहा है, इस रिकार्ड को आज तक कोई तोड़ नहीं सका। उस चुनाव में 11 उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हुई थी। गाजीपुर की चर्चित सीट पर दूसरी बार वर्ष 2019 में सपा-बसपा गठबंधन से बसपा उम्मीदवार के रूप में अफजाल अंसारी को चुनाव मैदान में उतारा गया। इस बार भी उनका सामना भाजपा उम्मीदवार तथा कद्दावर नेता मनोज सिन्हा से हुआ। लेकिन दूसरी बार भी अफजाल अंसारी बड़े लड़ाके निकले और बड़ी अंतर से जीत दर्ज की। अफजाल अंसारी को कुल 5, 66, 082 मत मिले। जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के मनोज सिन्हा को 4, 46, 690 मत से ही संतोष करना पड़ा। इस प्रकार एक लाख 19 हजार 392 मत से अफजाल ने एक बार फिर मनोज सिन्हा को पटकनी दी।
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वर्ष - उम्मीदवार - मत - जीत का अंतर
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1952 - हर प्रसाद (कांग्रेस) - 52809 - 13376
1957 - हर प्रसाद (कांग्रेस) - 61523 - 19876
1962 - विश्वनाथ गहमरी - .....
1967 - सरजू पांडेय (सीपीआई) - 94266 - 3240
1971 - सरजू पांडेय (सीपीआई) - 1,35,703 - 65493
1977- गोरीशंकर राय (बीएलडी) - 1,95,258 - 94345
1980 - जैनुल बशर (कांग्रेस) - 1,25,297 - 5291
1984 - जैनुल बशर (कांग्रेस) - 1,67,194 - 70561
1989 - जगदीश (कांग्रेस) - 2,08,361 - 108142
1991 - विश्वनाथ शास्त्री (सीपीआई)-1,91,339 -32294
1996 - मनोज सिन्हा (बीजेपी) - 2,75,706 - 1 ,05,499
1998 - ओम प्रकाश (सपा) - 2,65,705 - 17173
1999 - मनोज सिन्हा (बीजेपी) - 2,40,592 - 11033
2004 - अफजाल अंसारी (सपा)- 4,15,646 - 2,26,811
2009 - राधेमोहन सिंह (सपा) - 3,79,233 - 69,309
2014 - मनोज सिन्हा (सपा) - 3,06,929 - 32452
2019 - अफजाल अंसारी (बसपा) - 5,66,082 - 1,19,392
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