गाजीपुर। रोडवेज की बस से इन दिनों कहीं यात्रा करने का मन बना रहे लोगों को डिपो पहुंचने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वजह रविवार तक गाजीपुर डिपो की 80 बसें कुंभ मेला के लिए रवाना हो जाएंगी। शनिवार को देर शाम तक 40 बसों के प्रयागराज जाने का सिलसिला बना रहा, जबकि शेष 40 बसें रविवार को जाएंगी। डिपो के बेड़े में कुल नब्बे बसें हैं। इसमें से अस्सी बसों के चले जाने के बाद मात्र दस बसों से जिले भर के यात्रियों को सुविधा उपलब्ध करा पाना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली बसों के यात्रियों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ेगा।
सरकार की ओर से प्रयागराज में लगे कुंभ में लोगों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आगामी चार फरवरी को मौनी अमावस्या पर तीसरा मुख्य शाही स्नान है। इस मौके पर लाखों लोग प्रयागराज पहुंच कर डुबकी लगाएंगें। इसी क्रम में गाजीपुर डिपो से 80 बसों को शासन की ओर से मांगा गया है। इसके तहत दो तथा तीन फरवरी को श्रद्धालुओं के प्रयागराज जाने का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार की देर शाम तक 40 बसें जिले के विभिन्न स्थानों से रवाना हुई। ये बसें गाजीपुर- जौनपुर-झूसी, गाजीपुर-वाराणसी-झूसी, गाजीपुर-आजमगढ़-जौनपुर-झूसी तथा भरौली -गाजीपुर - वाराणसी- झूसी आदि मार्ग के साथ ही दोहरीघाट की ओर से भी हो कर जा रही हैं। सड़क की दयनीय दशा को देखते हुए जमानिया से जाने वाली बस को गाजीपुर जिला मुख्यालय से ही भेजा जाएगा। इनमें से कुछ बसें दस दिनों में तो बाकी बसें मेला समाप्त हो जाने के बाद मार्च महीने में वापस आएंगी। बड़ी मात्रा में बसों के नहीं रहने से स्थानीय डिपो को काफी दबाव झेलना पड़ेगा, सिर्फ दस बसों के बल पर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन करना संभव नहीं होगा। डिपो के संचालन प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि कम बसों की वजह से दबाव तो बढ़ जाएगा, लेकिन बसों को रिशेड्यूल कर ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा। यात्रियों को सुविधा देने का हर संभव प्रयास होगा।