गाजीपुर। जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय कक्ष में बुुधवार को सभी विभागों के अफसरों की उपस्थिति में पुरानी पेंशन प्रणाली एवं अन्य मांगों के संबंध में बुधवार को बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने 25 से 27 अक्तूबर के बीच सभी विभागों द्वारा कर्मचारियों के हड़ताल के संबंध में विभागों को निर्देशित किया है कि सभी विभाग खुले रहेंगे और इन विभागों का मुख्य कार्य भी संचालित किया जाएगा।
बैठक में डीएम ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में कर्मचारियों का हित पूर्णतया सुरक्षित है। यह केंद्र सरकार एवं देश के लगभग सभी राज्यों में एक दशक से अधिक समय से लागू है। इसके तहत ग्रेच्युटी, अवकाश, नगदीकरण, सामूहिक बीमा, चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति पूर्व की तरह अनुमन्य है। बताया कि कर्तव्य पालन के दौरान कर्मचारी की मृत्यु, विकलांगता पर असाधारण पेंशन, विकलांगता पेंशन पूर्व की तरह अनुमन्य है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से आच्छादित ऐसे कार्मिक जिनका पेंशन खाता नहीं खुला था। जिनके पेंशन खाते से कटौती नहीं हुई उनकी सेवाकाल के दौरान मृत्यु की दशा में उनके आश्रितों को भी पारिवारिक पेंशन की सुविधा पूर्व की तरह दी जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि सेवाकाल में मृत्यु, हो जाने पर उसके परिवार के सदस्यों को पारिवारिक पेंशन की सुविधा (पुरानी पेंशन योजना के अनुरूप) अथवा कर्मचारियों की सेवाकाल में मृत्यु होने पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अन्तर्गत पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र सदस्य के न होने पर नॉमिनी को न केवल उपर्युक्तानुसार मृत्यु ग्रेच्युटी अनुमन्य है। इसके अलावा एनपीएस खाते में जमा सभी संचित पेंशन निधि का भुगतान भी नामिनी को प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि आयकर अधिनियम में पुरानी पेंशन योजना के अधीन जीपीएफ सहित सभी बचतों पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये की छूट अनुमन्य है। जबकि एनपीएस के अन्तर्गत इस छूट की अधिकतम सीमा दो लाख रुपये की है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया, उपजिलाधिकारी सदर शिवशरणप्पा एवं संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।