गाजीपुर। मुख्यमंत्री समग्र योजना के तहत जिले में कुल 523 ब्रिक गार्ड तथा लोहे के ट्री गार्ड लगाए जाएंगे। यह कार्य आठ में से छह रेंजों में कराया जाएगा। हालांकि कोशिश रहेगी कि अधिक से अधिक ट्री गार्ड पानी वाले स्थान या हैंडपंपों के पास बनाए जाए। वैसे तो जिले में इस तरह के ब्रिक एवं ट्री गार्ड कई बार लगाए गए, लेकिन देख-रेख के अभाव में सब नष्ट होते जा रहे हैं।
जिले के कुछ चयनित तथा अच्छी सड़कों पर खूबसूरती के लिए ईंट की जालीदार घेरा वाले ब्रिक गार्ड और लोहे की मजबूत तार की गोलाईकार ट्री गार्ड लगावाया जाता है। बाद में इसका रंगरोगन कर दिया जाता है, जिससे वह आकर्षक लगने लगते हैं। वन विभाग के दो सब डिविजन के तहत जिले में कुल आठ रेंज बनाए गए हैं। इस योजना में गाजीपुर डिविजन के जखनियां, सैदपुर, नंदगंज, मरदह तथा गाजीपुर और मुहम्मदाबाद डिविजन के जमानियां को शामिल किया गया है। बाराचवर एवं मुहम्मदाबाद को अभी इसमें शामिल नहीं किया गया है। वैसे तो हैंडपंपों के पास 75 ब्रिक और लोहे के ट्री गार्ड लगाने पर जोर दिया जाएगा, लेकिन विभाग की कोशिश यही रहेगी कि ऐसे स्थान का ही चयन किया जाए, जहां पर्याप्त नमी मिल सके। ब्लाक स्तर पर यह काम गंभीरता से कराया जाएगा। इनमें अधिकतर फलदार पौधे ही रोपे जाते हैं, क्योंकि इनमें उनकी सुरक्षा की संभावना अधिक रहती है। हालांकि विभाग की ओर से पूर्व में बहुत से ब्रिक और ट्री गार्ड लगाए गए, लेकिन इनमें से अधिकतर नष्ट हो गए। इसका मुख्य कारण रख-रखाव का ठीक से न हो पाना है। सभी पौधों को समय-समय पर खाद-पानी देना तथा निराई-कोड़ाई करने के लिए उतने कर्मचारी भी नहीं है। पौधों के रख-रखाव की जिम्मेदारी आसपास के ग्रामीणों या किसानों को दी जाती है, लेकिन वह भी इसे ठीक से निभा नही पाते। कई बार इन गार्डों को जानवर अथवा अन्य लोगों से भी नष्ट होने का खतरा बना रहता है। वन अधिकारी यूपी वर्मा ने बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच यह काम शुरू कराए जाने की संभावना है।