फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में 70 फीसदी शौचलयों का नहीं हुआ निर्माण

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले में शौचमुक्त करने की तय समय सीमा पर काम पूरा न होते देख शासन ने 31 दिसंबर 2017 की जगह अब इसका समय बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया है। अभी भी ढाई लाख से ऊपर शौचालयों का निर्माण होना बाकी है। ऐसे में काम पूरा होने की गुंजाइश नहीं दिखाई दे रही है। देखा जाए तो जिले के 2661 गांवों में से मात्र 359 गांव ही किसी तरह से खुले में शौचमुक्त हो पाए हैं। यही नहीं, निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने की होड़ में मानक की अनदेखी भी जा रही है।
विज्ञापन

जिले में वित्तीय वर्ष 2017-18 में 2661 गांवों में तीन लाख 77 हजार 941 शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए 31 दिसंबर 2017 तक समय निर्धारित किया गया था लेकिन जब निर्धारित समय सीमा पर शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया तो इसकी समय-सीमा 31 मार्च तक की गई। मार्च माह के समाप्त होने में मात्र 21 दिन शेष रह गए हैं, लेकिन अभी तक 2 लाख 66 हजार 941 शौचालयों का निर्माण दो हजार 302 गांव में कराया जाना है। अभी तक मात्र 359 गांव में एक लाख 11 हजार शौचालयों का ही निर्माण हो पाया। लक्ष्य पूर्ति की होड़ में शौचालयों का निर्माण मानक के विपरीत हो रहा है। सिर्फ किसी तरह से कोरम पूरा कर कागजों में एक-एक शौचालय का आंकड़ा पूरा कर लक्ष्य के करीब पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। शौचालय के बाहर पानी टंकी तक की व्यवस्था नहीं की जा रही है। निर्माण में बालू की कमी की कहानी गाने वाले ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारी सफेद बालू का प्रयोग निर्माण में कर रहे है। अब संबंधित अधिकारी लक्ष्य पूर्ण नहीं होने का दोष लोगों पर मढ़ते हुए जागरूकता की कमी बता रहे है। यहीं नहीं अब इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए शासन की ओर से तीसरी बार 2 अक्टूबर का समय निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन


प्रयास किया जा रहा है कि शासन की ओर से शेष बचे शौचालयों के निर्माण के लिए निर्धारित समय सीमा 2 अक्टूबर कर दिया गया है। - लालजी दूबे, डीपीआरओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें