सुहवल। घर के अंदर मीटर लगाने वाली एजेंसियों और कर्मियों की अब खैर नहीं है। विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत चोरी रोकने के लिए मकानों या प्रतिष्ठानों के अंदर मीटर लगाने पर एफआईआर कराए जाने के आदेश दिए हैं। विभाग को पूरे जिले में एक वर्ष में छह हजार मीटर बदलने होंगे।
इलाके में 12 सब -स्टेशनों के माध्यम से करीब हजारों विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा बिजली का उपभोग किया जा रहा है। बिजली विभाग की तरफ से नए कनेक्शनों के साथ ही नए पूूर्ण इलेक्ट्रानिक मीटर लगाए जाने का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के निर्देश पर जारी किए जाने वाले प्रत्येक कनेक्शन पर मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया है, जबकि पूर्व से लगाए गए पुराने काले या खराब इलेक्ट्रानिक मीटरों को बदलकर नए एवं पूर्ण इलेक्ट्रानिक मीटर लगाए जा रहे हैं।
नियामक आयोग ने विद्युत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्युत चोरी रोकने के लिए पूर्ण इलेक्ट्रानिक मीटर लगाए जाएं और सभी श्रेणी के मीटर घरों अथवा प्रतिष्ठानों से बाहर ही लगाए जाएं। अगर मीटर विभाग की तरफ से या फिर एजेंसियों की ओर से घरों के अंदर लगाया जाता है, तो दोषी कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में अवर अभियंता संतोष मौर्या ने बताया कि जल्द ही सभी कनेक्शनधारियों के यहां मीटर लगा दिया जाएगा, ताकि विद्युत चोरी रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि घरों के अंदर मीटर लगे पाए जाने पर उपभोक्ताओं एवं लगाने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मीटर घरों के बाहर लगाया जाना है अंदर नहीं।