करदह कैथवली चट्टी के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन के सर्विस लेन पर खड़ा भारी वाहन। संवाद
गाजीपुर। फोरलेन और हाईवे के सर्विस लेन पर कहीं अंधेरा, कहीं गड्ढे और गंदा पानी आवागमन करने वालों के लिए घातक बना है। यहीं नहीं सर्विस लेन पर खड़े बेतरतीब बड़े वाहन भी हादसे का प्रमुख कारण हैं। पुलिस विभाग के आंकड़े के मुताबिक दो महीने में सर्विसलेन पर हादसे होने से 15 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। देवकली गांव निवासी नरेंद्र मौर्या ने बताया कि बस स्टैंड वाराणसी- गोरखपुर फोरलेन से सटा है। ऐसे में यहां सर्विसलेन आज तक नहीं बन सकी। ऐसे में देवकली गांव से रोज ब्लॉक और बाजार आने वाले चार से पांच हजार लोगों पर हादसे का खतरा मंडराते रहता है। त्रिलोकी गुप्ता ने बताया कि सर्विसलेन न होने से छह माह में करीब पांच लोगों की जान जा चुकी है। यहीं नहीं नाली का निर्माण न होने से घरों का गंदा पानी भी बहता रहता है। बिरनो थाने के लिए वाराणसी- मऊ फोरलेन से जा रही सर्विसलेन में दो महीने तक गड्ढा बना था। एक महीने पहले ही एनएचएआई ने गिट्टी डालकर गड्ढों को भर तो दिया, लेकिन फिर से गिट्टियां उखड़ने से हादसे का खतरा बना रहता है। कासिमाबाद के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस के बगल से निकले सर्विसलेन में बड़े वाहनों के खड़े होने से हादसे हो रहे हैं। कासिमाबाद निवासी वीरेंद्र कन्नौजिया ने बताया कि दो तरफ सर्विसलेन है, एक सर्विसलेन बरेसर चला जाता है तो दूसरा सर्विसलेन सिंगेरा होते हुए मरदह के हैदरगंज चला जाता है। मोहन चौरसिया ने बताया कि सर्विसलेन पर अंधेरा छाया रहता है। ऐसे में हादसे का भय बना रहता है।