गाजीपुर। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) कराई जा रही है। अब तक सात हजार से अधिक मशीनों की जांच हो चुकी है। इनमें से 69 सौ से ज्यादा कंट्रोल यूनिट एवं बैलट यूनिट सही पाई गई है जबकि करीब ढाई सौ डिफेक्टिव पाई गई। शेष ईवीएम की जांच का कार्य चल रहा है।
लोकसभा का चुनाव वर्ष 2019 में प्रस्तावित है। अगले वर्ष होने वाले चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है। एक तरफ जहां विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण का अभियान चल रहा है वहीं इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (कंट्रोल यूनिट एवं बैलट यूनिट) की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) कराई जा रही है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के लिए आयोग की ओर से 3715 कंट्रोल यूनिट (सीयू) एवं 5022 बैलट यूनिट (बीयू) उपलब्ध कराई है। इनकी जांच बीईएल बंगलुरु के तकनीकी कर्मचारियों की ओर से 19 नवंबर से की जा रही है। अब तक 7159 ईवीएम की जांच की जा चुकी है। इसमें 6910 सही पाई गई हैं जबकि 249 डिफेक्टिव (खराब) पाई गई। इसमें 3715 सीयू में 3630 की जांच हुई जिसमें 3455 सही एवं 175 खराब तथा 5022 बीयू में 3529 की जांच में 3455 सही एवं 74 डिफेक्टिव मिली। इस संबंध में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सीयू और बीयू की एफएलसी के बाद वीवीपैट की जांच होगी। आयोग के निर्देशानुसार एफएलसी कराई जा रही है।