फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रसूता की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा, एएनएम निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
करंडा। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चे के जन्म के बाद एक प्रसूता की गुरुवार की सुबह मौत हो गई। इस पर मृतका के परिजन अन्य लोगों के साथ चिकित्सक और एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझा कर शांत कराया। सीएमओ ने एएनएम को निलंबित कर दिया। मृतका के पिता ने एक चिकित्सक सहित दो कर्मचारियों के विरुद्ध तहरीर दी।
विज्ञापन

मालूम हो कि करंडा क्षेत्र के वीरापाह भटौली निवासी श्यामबिहारी गोड़ की पुत्री अर्चना (23) की शादी पिछले वर्ष 23 नवंबर को सुआपुर चोचकपुर निवासी राहुल से हुई थी। बुधवार की रात लगभग साढ़े 11 बजे गर्भवती अर्चना को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाए। यहां पर एएनएम गिरजा देवी और चिकित्सक इमाम हुसैन ने अर्चना को प्रसव कराया। उसने बच्चे को जन्म दिया। गुरुवार की सुबह करीब नौ बजे एएनएम ने परिजनों से कहा कि अर्चना की हालत ठीक नहीं है, उसको कहीं और उपचार के लिए ले जाएं। दो घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध न होने से अर्चना की मौत हो गई। इससे परिजनों में रोष व्याप्त हो गया और वे अन्य लोगों को लेकर हो-हल्ला करते हुए हंगामा करने लगे। एएनएम सहित चिकित्सक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि प्रसव कराने में लापरवाही बरती गई। बच्चेदानी बाहर आने और अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से अर्चना की मौत हुई। जानकारी होते ही तहसीलदार, एसडीएम सहित कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने समझा-बुझा कर लोगों को शांत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डा. जीसी मौर्य ने सीएचसी के अधीक्षक की रिपोर्ट पर एएनएम को निलंबित करने का आदेश दिया। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका के पिता श्याम बिहारी गोड़ ने अस्पताल के डा. इमाम हुसैन तथा दो कर्मचारियों के विरुद्ध तहरीर दी। जांच-पड़ताल के बाद रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की जाएगी।


करंडा। अर्चना की मौत के लिए आक्रोशित परिजन चीख-चीख कर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों और कर्मचारियों को दोषी ठहरा रहे थे। उनका कहना था कि सुबह नौ बजे अचानक एएनएम ने कहा कि अर्चना की हालत ठीक नहीं है, उसको उपचार के लिए कहीं और ले जाएं। इस पर हम लोग उसे ले जाने की तैयारी करने लगे। वहां एंबुलेंस तो थी, लेकिन कर्मचारी कभी वाहन खराब होने तो कभी चालक न होने की बात कर रहे थे। अगर तत्काल एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती तो शायद अर्चना की जान बच जाती।
विज्ञापन



करंडा। बुधवार को अर्चना ने बच्चे को जन्म दिया। इससे ससुराल और मायके वालों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार के कई लोग जहां रात ही में बच्चे का चेहरा देखने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए तो कई सुबह पहुंचे। परिवार के लोगों के मन में यह बात थी कि यह मासूम जल्द से जल्द मां के साथ अपने घर पहुंचे लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। हालत बिगड़ने पर बच्चे की मां अर्चना की मौत हो गई, जिससे परिजनों की खुशियां गम में तब्दील हो गई। परिवार के लोगों के सामने बिन मां के इस मासूम के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया। परिजनों को बच्चे की सूरत में मां का चेहरा दिखाई दे रहा था और वे बिलखने लग रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें