कासिमाबाद (गाजीपुर)। प्रदेश सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सरकार का नारा सबका साथ, सबका विकास पूरी तरह से पूंजीपतियों के विकास पर केंद्रित हो गया है। यह बातें वित्तविहीन शिक्षक नेता जियारत हुसैन ने रविवार को नेशनल इंटर कॉलेज में वित्तविहीन शिक्षकों की बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि विगत कई वर्षों से मानदेय की मांग कर रहे वित्तविहीन शिक्षक कर्मचारी सरकार की वादाखिलाफी के कारण भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। जिस प्रदेश और देश के शिक्षक भुखमरी के कगार पर हों उस प्रदेश और देश की सरकार डिजिटल इंडिया बनाने की बात कर रही है, जो पूरी तरह से निराधार है। शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। चुनाव के समय वित्तविहीन शिक्षकों से मानदेय देने का वादा किया था लेकिन सरकार बनने के बाद अपना वादा भूल गई। कहा कि शिक्षक नेताओं को इस बार वित्तविहीन शिक्षक करारा जवाब देंगे। वह केवल वोट की राजनीति कर रहे हैं। वित्तविहीन शिक्षकों के भविष्य से उनका कोई लेना-देना नहीं है। बैठक में रामदरश यादव, हरेंद्र यादव, रिंकू सिंह, वीके चौहान, मोहम्मद सलामू खान, श्यामदेव यादव, रियाज अहमद ,मनोज सिंह, रामदहिन, वीरेंद्र कुमार, जगदीश, परमेश्वर कुमार, अमरजीत राजभर, रामजीत राम, वीरबहादुर सिंह, रामभजन कुशवाहा, ओमप्रकाश कुशवाहा, रामाशीष यादव, अनिरुद्ध राम, रमेश यादव, पारसनाथ यादव, नंदलाल यादव, रामाधार यादव, संजय यादव, शेषनाथ, विजय, रामबदन यादव, तारकेश्वर पांडेय, विजय शंकर चौबे, आशुतोष कुमार सिंह, संतोष तिवारी आदि ने विचार व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता अनिरुद्ध राम तथा संचालन पारसनाथ यादव ने किया।