गाजीपुर। जिले के लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाने के लिए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से आए चलते-फिरते अस्पताल लाइफ-लाइन एक्सप्रेस का लाभ दस हजार से ऊपर लोगों ने उठाया। सिटी रेलवे स्टेशन पर अपने 26 दिन के प्रवास में नामचीन चिकित्सकों ने विभिन्न रोगों के मरीजों का नि:शुल्क इलाज करने के साथ उनकी सर्जरी और दवा भी मुुहैया करायी। कैंसर जैसे खतरनाक रोग के मरीजों का इलाज करने के साथ उन्हें बेहतर परामर्श भी दिया।
बेहतर चिकित्सीय सुविधा के लिए रेल राज्यमंत्री के प्रयास से चलते फिरते अस्पताल लाइफ-लाईन एक्सप्रेस 22 दिसंबर को सिटी रेलवे स्टेशन पर आई। 24 दिसंबर को कैंसर के मरीजों का इलाज शुरू कर दिया। मुंह और ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित एक हजार 219 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। इसमें 5 मरीजों की सर्जरी टाटा मेमोरियल और हिंदूजा अस्पताल से आए चिकित्सकों ने किया। इसमें 96 मरीजों को दवा उपलब्ध कराई गई। आंख के करीब 4 हजार 993 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। इसमें 653 मरीजों के आंखों की सर्जरी की गई। जबकि अन्य मरीजों को चश्मा और दवा उपलब्ध कराई गई। कान की बीमारी से पीड़ित मरीजों ने एक हजार 885 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें 113 मरीजों की सर्जरी की गई। साथ ही अन्य को दवा मुहैया कराई गई। पोलियो से पीड़ित बच्चों का 134 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इसमें 20 बच्चों की सर्जरी की गई।
अन्य को दवा के साथ दूसरे जगह के लिए रेफर कर दिया गया। कटे-फटे होंठ के 106 लोगों ने पंजीकरण कराया। इसमें 8 की सर्जरी की गई, जबकि अन्य को परामर्श दिया गया। दांत के एक हजार 339 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें 166 की सर्जरी हुई। जबकि अन्य को दवा मुहैया कराई गई। मिर्गी 214 मरीजों का इलाज करने के साथ उन्हें दवा उपलब्ध कराई गई। इस संबंध लाइफ लाईन के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि करीब 10 हजार 745 मरीजों का इलाज किया गया है।