मतसा। क्षेत्र के प्रसिद्ध शिव मंदिर बाबा महेश्वरनाथ धाम महेवां के परिसर में नौ दिवसीय श्री रामकथा आयोजित है। पांचवें दिन कथावाचक संत हनुमान दास रामायणी ने कहा कि भगवान राम का स्वभाव सहज और सरल है। ऐसा स्वभाव जिस भक्त का होता है उस भक्त को भगवान तुरंत अपना बना अर्थात अपनी शरण में ले लेते हैं। जिसको रामजी अपना बना लेते हैं अगर वह रामजी और रामजी के कार्य को भूल भी जाए तब भी अपनाए हुए का रामजी त्याग नहीं करते हैं। सुग्रीव को रामजी ने सब कुछ प्रदान किया। राज्य, धन, स्त्री पाकर सुग्रीव रामजी और उनके कार्य को भूलकर इन्द्रिय सुख को भोगने लगे तो भी रामजी ने सुग्रीव का त्याग नहीं किया। इस अवसर पर बाबा महेश्वरनाथ धाम के महंत जगमोहन दास, तारकेश्वर तिवारी, भिखारी महाराज एवं भागवताचार्य संत पुरुषोत्तम दास ने भी कथा का अमृत पान कराया। कथा मंच का संचालन संजय राय ने किया।