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धैर्य टूटा तो भुगतना पड़ेगा बड़े आंदोलन का खामियाजा

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गाजीपुर। विभिन्न मांगों को लेकर 52वें दिन विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा सिंह ने कहा कि सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है। अगर हमारा धैर्य टूट गया तो सरकार को इसका खामियाजा बड़े आंदोलन के रूप में भुगतना पड़ेगा। मांगों के पूरा होने तक हम लोग खामोश होने वाले नहीं है।
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कहा कि यूपी, दिल्ली, राजस्थान में सबका वेतन एक समान होना चाहिए। हम महिलाओं की उपेक्षा सरकार को महंगी पड़ेगी। जिले की समस्त कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वह 21 दिसंबर को विकास भवन में बड़ी संख्या में धरना में भाग लें। इसी दिन प्रशासन को मांगों को पत्रक सौंपा जाएगा। मंडल अध्यक्ष शीला तिवारी ने कहा कि लगातार धरना-प्रदर्शन के बाद भी सरकार हमारी मांगों को पूरा करने को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं और सहायिकाएं अपने को उपेक्षित महसूस कर रही हैं। अगर सरकार ने हमारी मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले चुनाव में उसे इसका जवाब दिया जाएगा। मंडल उपाध्यक्ष रीता राय एवं शीला देवी ने कहा कि जब तक सरकार हमारी 13 सूत्री मांग नहीं मान लेती है, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। सरकार से अपना हक हम लेकर रहेंगे। चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। धरना में ब्लाक अध्यक्ष रेवतीपुर ऊषा वर्मा, विजया कुमारी, पूनम सिंह, सीता वर्मा, जामवंती राय, मंजू तिवारी, हीरामती, बेबी सिंह, मंजू पांडेय, सत्या देवी, शीला देवी, लाची कुशवाहा, अनीशा गुप्ता, हीरा सिंह, पुष्पा, शीला, प्रीतम कुशवाहा आदि मौजूद थीं।
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