गाजीपुर। बरेसर थाने क्षेत्र ढोटारी चट्टी पर 11 दिन पूर्व हुए चाय विक्रेता की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया। विक्रेता के अकड़पन से नाराज बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्यारोपी चाचा-भतीजा को गिरफ्तार कर इस घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी सोमेन वर्मा ने इसकी जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि चाय विक्रेता राजेश कुमार गुप्त (28) के हत्यारोपी शेरू राजभर और उसके चाचा राजबली राजभर को सुबह छह बजकर 15 मिनट पर तिराहीपुर पुलिया से धर दबोचा गया। दोनों हत्यारोपियों के निशानदेही पर हत्या प्रयुक्त तमंचा भी रेंगा गांव स्थित टैंस नदी के पास से बरामद किया गया गया। एसपी ने बताया कि घटना में शामिल इनके दो साथियों में से एक हरिनारायण को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि दूसरा संजीव राजभर फरार है। पूछताछ में दोनों हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि बीते 13 नवंबर की शाम वह सभी राजेश की दुकान पर समोसा खा रहे थे। चाय विक्रेता राजेश बगैर खाए लौंगलता का भी पैसा मांगने लगा। इसको लेकर वह उलझ गया। आखिर उसने लौंगलता का पैसा ले लिया। हत्यारोपियों ने बताया कि विक्रेता राजेश की ढिठाई उन्हें बर्दाश्त नहीं हुई। उन्होंने तय किया कि रात में पिटाई कर राजेश के हाथ-पांव तोड़ दिया जाएगा। जब वह सभी मौके पर पहुंचे तब हत्यारोपी शेरू नहीं माना और उसने तमंचे से उसके सिर में गोली मार दी। घटना के बाद सभी मौके से फरार हो गए। मालूम हो कि राजेश लहूलुहान अपनी दुकान में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल भेजा गया। फिर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। मृतक मूलत: सागापाली दयाल सिंह गांव का रहने वाला था और उसकी दुकान ढोटारी चट्टी पर थी।