गाजीपुर। नगर निकाय चुनाव में परिंदा भी पर नहीं मारेगा। प्रथम चरण के मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी के बालाजी ने नपा और नपं को अलग-अलग जोनों में बांटा है। सभी जोन में एक-एक सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इन मजिस्ट्रेटों के साथ पुलिस के एक-एक आला अफसर मय फोर्स रहेंगे। जिससे किसी भी विषम परिस्थिति में निपटा जा सके। नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में चुनाव तक कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं रहेगा। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह चौकस है और जांच के लिए टीम लगा दी गई है।
कहा कि निकाय चुनाव प्रथम चरण में 22 नवंबर को है। मतदान से 48 घंटे पहले बिहार सीमा सहित जनपद की सीमा को सील कर दिया जाएगा और सरकारी अंग्रेजी शराब की दूकानें भी बंद कर दी जाएंगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निर्देश दिया जा चुका है। ‘अमर उजाला’ को बताया कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति हो, अगर चुनाव के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है, तो बगैर किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला तथा पुलिस प्रशासन ने अभी से होटल, ढाबे, रेस्टोरेंटों की चेकिंग शुरू कर दी है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ जारी है। कुछ जगहों से शिकायत मिलने पर उन ढाबों की चेकिंग कराई जा रही है और संचालकों को सख्त निर्देश जारी किया गया है। शिकायत दर्ज कराने के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है। इसकी जिम्मेदारी परियोजना निदेशक को सौंपी गई है। कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी मौजूद रह रहे हैं और शिकायतों पर प्रभावित कार्रवाई भी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि सेक्टर तथा जोनल मजिस्ट्रेटों को दावत-पार्टियों पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई है। शादी-विवाह को छोड़कर अगर कहीं कोई भोज हो रहा है, तो उसके प्रायोजन की जानकारी करें। संतुष्ट न हो तो संबंधित के खिलाफ सख्ती से निपटे। कहा कि किसी भी मतदान कर्मी के परिजन अगर चुनाव लड़ रहे, तो मतदान में उनकी ड्यूटी नहीं लगेगी। यूपी-बिहार बार्डर पर बैरियर लगाया जाएगा। आने-जाने वालों की सघन चेकिंग की जाएगी। 48 घंटे पहले ही सीमा सील कर निगहबानी रखी जाएगी। सकुशल चुनाव कराने के लिए आचार संहिता का पालन होगा। अराजक तत्वों के साथ पुलिस सख्ती से निपटेगी।