गाजीपुर। निकाय चुनाव में इस बार लगभग सभी पार्टियों ने नए चेहरों पर दांव खेला है। सभी दलों ने नए चेहरे को चुनावी मैदान में उतारा है। इस बार नए और युवा चेहरों को तरजीह मिलने से मतदाता भी उनकी बातों को सुन और समझ रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष हो अथवा नगर पंचायत अध्यक्ष सभी प्रमुख दलों में अनुभव की जगह युवा चेहरों को मौका दिया गया है।
निकाय चुनाव में प्रमुख दलों ने नये चेहरों पर दांव खेला है। नये उम्मीदवारों के मैदान में उतरने के बाद पूर्व तथा निवर्तमान चेयरमैन के कार्यों से असंतुष्ट लोगों को नया चेयरमैन चुनने का अधिकार मिला है और नए लोगों पर विश्वास जगा है। नए उम्मीदवारों पर एक नजर डालें तो नगर पालिका परिषद गाजीपुर में सपा से प्रेमा सिंह, बसपा से सफरून निशा, कांग्रेस से चंद्रकला गुप्ता और भाजपा से निवर्तमान चेयरमैन विनोद अग्रवाल की पत्नी सरिता अग्रवाल पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। नगर पालिका परिषद जमानिया से भाजपा उम्मीदवार संतोष वर्मा पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। मुहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद में भाजपा से संदीप उर्फ दीपू गुप्ता और कांग्रेस से जैनेश पंकज पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। सैदपुर नगर पंचायत में सरगर्मी तेज है। यहां भी कई दल नए चेहरों पर दांव लगाए हुए हैं। सैदपुर अध्यक्ष पद की सीट महिला के लिए आरक्षित है। कांग्रेस उम्मीदवार शीला सोनकर पत्नी रमेश सोनकर, सुषमा सोनकर पत्नी शिशिर सोनकर पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं।
दिलदारनगर नगर पंचायत पर एक नजर डालें तो समाजवादी पार्टी ने विरेंद्र गुप्ता को मैदान में उतारा है और निर्दल उम्मीदवार के रूप में कृष्णानंद पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। जंगीपुर नगर पंचायत में भी भाजपा, बसपा और सपा ने बिना अनुभव वाले नए चेहरों को तरजीह दी है। जिसमें भाजपा से शैलकुमारी पत्नी अमरनाथ मद्धेशिया, बसपा से जुलेखा पत्नी मोहम्मद आलम, सपा से कलावती देवी पत्नी अमरनाथ गुप्ता और कांग्रेस से महबूब निशा पत्नी वारिश राईनी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। बहादुरगंज नगर पंचायत में भाजपा के टिकट से चुनाव मैदान में उतरी आरती सोनी पत्नी अरविंद प्रजापति और निर्दल उम्मीदवार सोनी वर्मा पत्नी राधेमोहन पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। जबकि नपं में तीन बार चेयरमैन रह चुके रेयाज अहमद की पत्नी निकहत परवीन भी पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं। सादात नगर पंचायत में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे निर्दल प्रत्याशी यशवंत वर्मा भाजपा उम्मीदवार के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।