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लड्डू में मिलावट पर दूकान संचालक को दस साल की सजा

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गाजीपुर। एक मिठाई दूकानदार द्वारा लड्डू में मिलावट किए जाने का मामला पिछले सात साल से कोर्ट में लंबित चल रहा था। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार सिन्हा ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए दस साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के जफरपुर निवासी बबलू राईनी उर्फ खुर्शीद पुत्र असरफ अली की मिठाई की दूकान बस स्टैंड के पास है। मिठाई की जांच करने आठ मई 2010 को खाद्य निरीक्षक की टीम पहुंची थी। जांच टीम ने दूकानदार को अपना परिचय दिया और बिक्री के लिए दूकान में रखे चीनी, बेसन तथा वनस्पति से निर्मित मगदल का लड्डू रखा था। इस दौरान खाद्य निरीक्षक ने लड्डू का नमूना लिया और जांच के लिए भेज दिया। जांच के बाद उसमें मिलावट पाई गई। इसके बाद बबलू राईनी के विरुद्ध धारा 272 तथा 273 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। विचारण के दौरान न्यायालय में गवाहों ने घटना के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह यादव तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए धारा 272 के अंतर्गत दस साल का सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जबकि धारा 273 के तहत दस साल का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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