गाजीपुर। नोनहरा थाना के पास खेत में हत्या कर 29 जून को फेंके गए किशोर के शव मामले का पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस कार्यालय में पकड़े गए आरोपियों को मीडिया के सामने प्रस्तुत करते हुए एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि अवैध संबंध के चक्कर में किशोर की हत्या हुई थी।
एसपी ने बताया कि किशोर आरिफ (12) के हत्यारोपित मुर्तुजा अंसारी पुत्र खालिद अंसारी निवासी चकमुकुंद उर्फ बरतर थाना नोनहरा तथा हत्या की साजिश रचने वाले घनश्याम उपाध्याय पुत्र विद्याधर उपाध्याय निवासी नोनहरा को नोनहरा थानाध्यक्ष शिवकुमार मिश्रा ने मंगलवार की देर शाम थाना क्षेत्र के जल्लापुर रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया। घटना का कारण बताते हुए एसपी ने कहा कि आरोपी मृतक किशोर आरिफ की मां से मोबाइल से बात कर रहे थे और वे अवैध संबंध बनाने की फिराक में थे। जब आरिफ को घटना के बारे में जानकारी हुई तो उसने आपत्ति की। इस पर मुर्तुजा अंसारी ने उसकी हत्या कर दी। आ रिफ के पिता खुर्शीद अंसारी की तहरीर पर नोनहरा थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। आरिफ की हत्या गला रेतकर की गई थी। उसके गुप्तांग पर भी चोट के निशान थे। मामले को छिपाने की गरज से उसके शव को गन्ना के खेत में छिपा दिया गया था। पुलिस हत्यारों की तलाश में जुटी थी। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। मुर्तुजा अंसारी ने पुलिस को बताया कि वह मृतक आरिफ की मां से अवैध संबंध बनाना चाहता था, जिसके लिए वह घनश्याम उपाध्याय से फोन कराने का काम करता था लेकिन इसके बारे में जानकारी आरिफ को हो गई थी। इसके बाद उसको रास्ते से हटाने के लिए उसने आरिफ की हत्या कर दी और उसके शव को खेत में छिपा दिया। मुर्तुजा को आरिफ की हत्या करने तथा घनश्याम उपाध्याय को हत्या की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने जेल भेज दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में नोनहरा एसओ शिवकुमार मिश्र के साथ राणा प्रताप राय, अशोक पांडेय, संदीप यादव, हरीमोहन पाठक शामिल रहे।