सुहवल। आखिरकार पांचवें दिन की कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार की शाम तक हमीद सेतु के मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया। गुरुवार की शाम से छोटे चार पहिया वाहनों के आवागमन खोल दिए जाने की उम्मीद है, जबकि इसके एक-दो दिन बाद बड़े चार पहिया वाहनों का आवागमन भी शुरू होने की संभावना है।
मालूम हो कि 31 दिसंबर की सुबह करीब चार बजे गंगा नदी पर बने हमीद सेतु के पिलर नंबर छह एवं सात के बीच ज्वाइंटर की रोलर बेयरिंग खिसकने के चलते सेतु में दरार पड़ गई थी। किसी दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर जिलाधिकारी ने सेतु पर छोटे और बड़े चार पहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगाते हुए संबंधित विभाग से शीघ्र सेतु की मरम्मत कार्य प्रारंभ करने के लिए बातचीत की थी। सेतु पर छोटे और बड़े चार पहिया वाहनों का संचालन बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गईं। काफी परेशानियों के बीच लोग मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ला रहे थे। छोटे चार पहिया वाहन सवार लंबी दूरी तय कर जमानिया और रामपुर पीपा पुल से आवागमन करने को विवश थे। कई लोग नाव का सहारा लेने को भी बाध्य थे। बीते शनिवार से युद्ध स्तर पर इंजीनियरों की टीम ने मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया था। एक तरफ जहां मंगलवार की देर रात तक इंजीनियर मरम्मत कार्य में लगे रहे, वहीं बुधवार को पूरे दिन लगते हुए शाम तक कार्य को पूरा कर लिया। इस दौरान कार्य में बाइकों और पैदल आवागमन करने वालों से कोई अवरोध उत्पन्न न हो, इसके लिए कार्य स्थल पर बैरिकेटिंग की गई थी। इसके ही पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद थे। सेतु की मरम्मत में लगे इंजीनियर द्वय पंकज सिंह एवं प्रभात मिश्रा ने बताया कि सेतु का मरम्मत कार्य बुधवार की शाम तक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। गुरुवार की शाम से छोटे चार पहिया वाहन सेतु से गुजर सकेंगे, जबकि बड़े चार पहिया वाहनों का आवागमन एक-दो दिन बाद शुरू हो सकेगा।