बिरनो(गाजीपुर)। क्षेत्र के कई विद्यालयों में शौचालय होने के बाद भी छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे छात्राएं स्कूल समय में शौचालय बंद होने की वजह से बाहर जाने को विवश हो रही हैं। इस तरह देखा जाय तो गुरुजन ही स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला बुधवार को उस सामने आया जब खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश कुमार राय क्षेत्र के कुछ विद्यालयों का औचक निरीक्षण किए। निरीक्षण के दौरान कहीं विद्यालय परिसर में बने शौचालय बंद होने की वजह से छात्राएं बाहर जाने को विवश मिलीं तो कहीं शिक्षा मित्र विद्यालय से गायब मिले। गायब शिक्षामित्रों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
खंड शिक्षाधिकारी अविनाश कुमार राय ने बताया कि 10.15 बजे एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय भड़सर प्रथम एवं प्राथमिक विद्यालय भड़सर द्वितीय पहुंचे। यहां विद्यालय की 15 छात्राएं विद्यालय से बाहर खुले खेत में शौच कर रहीं थीं। विद्यालय में चार शौचालय होने के बाद भी अध्यापकों द्वारा शौचालय बंद किया गया था। पता करने पर बताया गया कि काफी दिनों से शौचालय बंद है। जिस पर उन्होंने सभी अध्यापकों को फटकार लगाई। शौचालय का ताला खुलवाने पर शौचालय प्रयोग में न होने की बात सामने आई। विद्यालय परिसर में कई जगह गांव के लोगों की ओर से शौच किया गया था। स्थानीय लोगों को बुलाकर खंड शिक्षाधिकारी ने कहा कि विद्यालय विद्या का मंदिर है। खुले में शौच करने से बीमारियां फैलती हैं। बताया दिन में 12 बजे प्राथमिक विद्यालय बहलोलपुर पहुंचे। यहां नामांकित 178 छात्रों में 112 छात्र उपस्थित मिले। विद्यालय के छात्रों ने बताया कि दूध कभी नहीं मिलता है। विद्यालय में दोनों शिक्षा मित्र अनुपस्थित पाए गए। इस पर दोनों शिक्षामित्रों से खंड शिक्षाधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा। शिक्षा क्षेत्र में खंड शिक्षाधिकारी के निरीक्षण से अध्यापकों में हड़कंप मचा रहा।