गाजीपुर। जनपद के 13 पीआरडी के जवानों की नियुक्ति और उसके बाद उनकी ड्यूटी को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग के ही 12 पीडीआरडी के जवानों ने इसकी शिकायत डीएम से लेकर राष्ट्रपति तक को पत्र भेजकर की है। हालांकि विभाग के अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
जनपद में 500 पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों की तैनाती है। इनमें 470 की ड्यूटी हर माह रोस्टर के हिसाब से लगाई जा रही है। अप्रैल से ये ड्यूटी शासन स्तर से ऑटोमेटिक लगाई जा रही है। 12 पीआरडी के जवानों ने हस्ताक्षर करके शिकायती पत्र डीएम से लेकर राष्ट्रपति तक पत्र भेजे हैं। साथ ही एमएलसी विशाल सिंह चंचल के कार्यालय में भी इसकी शिकायत दर्ज कराए हैं।
आरोप है कि 13 पीआरडी के जवानों के दस्तावेज फर्जी हैं। जिन पीआरडी के जवानों पर ये आरोप लग रहे हैं, उनमें दो-दो रेवतीपुर और सदर, छह सादात, एक-एक मनिहारी, देवकली और मुहम्मदाबाद के हैं। इनमें छह महिला पीआरडी शामिल हैं। आरोप है कि इनमें कइयों की ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र भी गड़बड़ है। जन्मतिथि प्रमाण पत्र भी सही नहीं है। रिटायर्ड जवान की जन्मतिथि प्रमाण पत्र में उम्र घटाकर लाभ दिया जा रहा है। आरोप है कि विभाग के बड़े बाबू, ड्यूटी इंजार्ज वसूली कर रहे हैं और निजी कार्य भी पीआरडी जवानों से कराते हैं। विरोध करने पर अनुशासन हीनता के आरोप में कार्रवाई की धमकी देते हैं।
वसूली की बात फर्जी है। ऑटोमेटिक ड्यूटी की व्यवस्था लागू है। इसमें कोई कुछ भी नहीं कर सकता है। रही बात फर्जी दस्तावेज होने की तो इसकी जांच कराई जाएगी, जो गड़बड़ होगा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - दिलीप कुमार, जिला युवा कल्याण अधिकारी