गाजीपुर। सावन के तीसरे सोमवार को शिव का जलाभिषेक करने के लिए शनिवार को सैकड़ों की संख्या में मऊ, आजमगढ़ क े भक्त नगर के ददरीघाट पर पहुंचे। यहां स्नान-ध्यान के बाद कांवर में गंगा जल भरकर बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है और बोल बम का जयघोष करते हुए रवाना हुए। देर रात तक कांवरियों के रवाना होने का सिलसिला जारी रहा।
सावन माह में भोले का जलाभिषेक करने वाले भक्तों की संख्या में हर वर्ष वृद्धि होती जा रही है। मऊ और आजमगढ़ में मां गंगा का प्रवाह न होने से यहां शिव भक्त वर्षों से सावन माह में गंगा जल लेने के लिए आते हैं और जल लेकर पदयात्रा करते हुए धाम के लिए रवाना होते हैं। लंबी दूरी की वजह से दो दिन पहले ही श्रद्धालु रवाना होते हैं। पिछले शनिवार की तरह इस शनिवार को भी सैकड़ों की संख्या में मऊ और चिरैयाकोट के भक्त नगर में विभिन्न साधनों से पहुंचे हैं। मिश्रबाजार और ददरीघाट में लगे पूजा सामग्री की दुकानों से श्रद्धालुओं ने सामान खरीदा। इसके बाद गंगा घाट पर पहुंचे। हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए गंगा में गोते लगाने के बाद पूजन-अर्चन किया। इसके बाद कांवर में जल भरकर बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है, बोल बम आदि का जयघोष करते हुए पैदल धाम के लिए रवाना हुए। भोला, महिपाल, सुरेश, प्रमोद, मनोज, धर्मेन्द्र, विशाल, मोनू, कैलाश, महेश, रविंदर आदि शिव भक्तों ने बताया कि वह कई वर्षों से सावन माह में यहां जल लेने के लिए आ रहे हैं। बताया कि हम लोग यहां से कांवर में जल भरकर पदयात्रा करते हुए मऊ के बाबा बरदुअरिया धाम पर जाएंगे और सावन के तीसरे सोमवार को शिव का जलाभिषेक करेंगे। देर रात तक कांवरियों के रवाना होने का क्रम जारी रहा।