गाजीपुर। जिले के तापमान में लगातार गिरावट से आम जनजीवन बेहाल है। सुबह घने कोहरे की चादर तनी रही। इससे रेल तथा सड़क यातायात भी प्रभावित रहा। पूरे दिन लोग कोहरे के छंटने तथा सूर्य के निकलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मायूस हाथ लगी। आलम यह रहा कि लोग रजाई में दुबके रहे। ठंड लगने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई। शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अगले कुछ दिनों में तापमान में और भी गिरावट आ सकती है।
ग्रामीण इलाके में भी ठंड के प्रभाव को देखते हुए उपजिलाधिकारियों और बीडीओ को अलाव जलाने तथा गरीबों में कंबल वितरण का निर्देश दिया गया है। तहसील मुख्यालय, नगर तथा गांवों के सभी आवश्यक स्थानों में अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। गुरबत में जीने वाले महिला-पुरुषों को ठंड से बजाया जा सके, इसके लिए अस्थायी रैनबसेरा तक की सुविधा बहाल करने को कहा गया है। ऐसे में जरूरतमंद व गरीब परिवार को चिन्हित करने के कार्य में सभी अधिकारी जुट गए हैं। शुक्रवार को तापमान लुढ़ककर पांच डिग्री सेल्सियस पहुंचा, तो ठिठुरन और बढ़ गई। ऐसे में सर्द हवा ने आग में घी का काम किया। जिले में हाड़कंपाती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। गरीब तबका अलाव की तलाश भटकता नजर आया।
भांवरकोल/सैदपुर: थाना क्षेत्र के शेरपुरकला गांव निवासी बलि यादव (55) की ठंड लगने से मौत हो गई। बलि गुरुवार की रात खाना खाने के बाद अपने मड़हे में सोए हुए थे। मध्य रात्रि के बाद वह अचानक कांपने लगे। उन्होंने इसकी सूचना परिवार वालों को दी। परिजन उन्हें आग जलाकर सेकते, इसी बीच उनके सीने में तेज दर्द होने लगा और अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। उधर सैदपुर नगर पंचायत के मालवीय नगर कच्ची रोड निवासी जुठन सोनकर (68) शुक्रवार की सुबह घर से 100 मीटर की दूरी पर सुलभ शौचालय गए हुए थे। इसी बीच ठंड लगने से कांपते हुए गिर पड़े और परिवार के सदस्य जब तक उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाते, उनकी मौत हो गई।