फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदहाल हुई जिला अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधा

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। जिला अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधा पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। एक तरफ जहां बजट के अभाव में दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं है। वहीं सर्जन की कमी के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। दूसरी तरफ आपातकालीन कक्ष में तैनात चिकित्सकों द्वारा खुलेआम निजी मेडिकल स्टोरों से दवाएं लिखकर मंगा रहे हैं।
विज्ञापन

शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से रोजना सैकड़ों मरीज इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ सहित कई चिकित्सकों के छुट्टी पर रहने से उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहीं नहीं शासन की ओर से माहवार बजट नहीं उपलब्ध कराने से दवा कंपनियों का करीब छह से आठ लाख रुपये बकाया हो गया है। इसके चलते आयरन, एआरबी इंजेक्शन सहित कई महत्वपूर्ण दवाएं मरीजों को जिला अस्पताल से उपलब्ध नहीं होने पर निजी मेडिकल स्टोरों का सहारा लेना पड़ रहा है। खासकर रात के समय आपातकालीन कक्ष में तैनात चिकित्सकों द्वारा खुलेआम कमीशन का खेल खेला जा रहा है। आपातकालीन कक्ष में इलाज कराने वाले मरीजों को इंजेक्शन से लेकर दवाएं तक निजी मेडिकल स्टोर से ही खरीद कर लाना पड़ता है। कक्ष में तैनात चिकित्सक सादे कागज पर ही दवा लिखिते हैं। मरीजों के परिजनों के द्वारा दवा लाने के बाद सादे कागजी की पर्ची ले ली जाती है। शासन की ओर से बेहतर चिकित्सकीय सुविधा का दंभ इन दिनों जिला अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा खुलेआम निकाला जा रहा है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि सर्जन की तैनाती के लिए प्रत्येक माह शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। साथ ही बजट ढाई माह के अंतराल पर मुहैया होने से दिक्कत आ रही है। फिलहाल मरीजों को सुविधा प्रदान करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से पूरी तरह प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें