गाजीपुर। मौसम में निरंतर बदलाव से किसान दहशत में हैं। गुरुवार को आसमान में काले-कजरारे बादलों के छाने से एकबार ऐसा प्रतीत हो रहा था कि तेज हवा के साथ बारिश भी होगी। लेकिन शुक्रवार की सुबह तेज धूप निकलते ही फिर धरती तपने लगी और भीषण गर्मी शुरू हो गई। पूरे दिन धूप, उमस और गर्मी से बिलबिलाते रहे लोगों को अचानक दोपहर बाद आसमान में बादल छाने और तेज हवा चलने से काफी राहत मिली। जनपद के ग्रामीण इलाके में दोपहर बाद तेज हवा के कारण कुछ जगहों पर रिहायशी झोपड़ी आदि को नुकसान पहुंचा है। जमानिया बाजार में समेत अन्य इलाकों में आसमान में बादल छाने के साथ ही तेज आंधी से नुकसान पहुंचा है। मौसम परिवर्तन होने तथा आंधी और पानी की आशंका से किसान चिंतित हैं। किसानों की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। किसानों के अनाज के बोझ खेत और खलिहानों में पड़े हैं। देखा जाए तो अभी भी 70 फीसदी किसान अपना अनाज घर नहीं ला पाए हैं। ऐसे में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को आसमान में बादल छाने और तेज हवा चलने से मौसम खुशनुमा बना रहा, लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली। लेकिन देर रात तक बारिश न होने से बादल ललचाते रहे।
चिकित्सकों ने दिया गर्मी से बचाव के टिप्स
गाजीपुर। गर्मी और उमस के इस मौसम में स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ता है। इसे लेकर चिकित्सकों ने बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी जीसी मौर्य ने बताया कि हीट वेव (लू) के कारण शरीर की कार्य-प्रणाली प्रभावित हो जाती है, इससे मौत भी हो सकती है। गर्मी से हीट स्ट्रोक (लू), टीट रैश (घमौरियां), हीट क्रैंप (पेंट में मरोड़/ऐठन), शरीर में कमजोरी का होना, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई का आना, पसीना आना और कभी-कभी मूर्छा (बेहोशी) आना प्रमुख है। थोड़ी सी सावधानी को अपना कर इससे बचाव किया जा सकता है। उन्होने बताया कि अधिक से अधिक पानी पीएं, पसीना सोखने वाले पतले व हल्के रंग के वस्त्र ही पहने तथा धूप से परहेज करें। धूप में निकलने से पहले चश्मा, छाता, टोपी, गमछा तथा चप्पल आदि का प्रयोग करें। सिर, चेहरा, हाथ-पैरों को गीले कपड़े से ढके रहे और यदि संभव हो तो छाते का उपयोग करें। ठंडे में रहने का प्रयास करें।