गाजीपुर। लोकसभा चुनाव की बयार तेज हो गई है। नगर, कस्बा, गांव, चट्टी-चौराहे से लेकर खेत-खलिहान तक लोग चर्चा में मशगूल हैं। लोस चुनाव की घोषणा के साथ ही अब चाय-पान की दुकानें राजनीतिक बहस का अखाड़ा बन गई हैं। चाय की चुस्कियों के साथ, जो चुनावी बहस शुरू हो रही है, वह काफी देर तक चल रही है। कभी धीमी, तो कभी जोश में आकर कार्यकर्ता तेज आवाज में भिड़ जा रहे हैं।
गुरुवार को शहर के गोराबाजार स्थित केदार की चाय की दुकान पर कुछ इस तरह से शुरू हुई चुनावी बहस। नेता जी राम-राम, नमस्कार महेंद्र जी। चाय पीएंगे महेंद्र जी। नाहि भइया हम चाय ना पियब। अरे पी लीजिए, महेंद्र जी। कही ऐसी बात तो नहीं है न कि नेता जी दूसरी पार्टी के है, इसलिए आप उनका चाय नहीं पी रहे हैं। नाहि महेश भइया अईसन कउनो बात न ह। दा चाय पियावा केदार भइया। और बताइए महेंद्र जी चुनाव क्या कह रहा है। का कहीं नेता जी आप त जनते बाड़ी ना कि चुनाव का कहत बा। ई बार क चुनाव पूरी तरह से साफ बा। हमरे पार्टी के जीते से कोई रोक ना पाई। पूर्व विधायक के हमरे पार्टी में शामिल होखे से पार्टी अऊर मजबूत हो गईल बा। अब कुशवाहा लोगन क भी हमरे पार्टी के तरफ रुझान बढ़ी। मैं समझ रहा हूं महेंद्र जी कि आप कहां से बात कर रहे हैं, लेकिन हमारी पार्टी अकेले ही आप लोगों पर भारी पड़ेगी। रही पूर्व विधायक के आपके पार्टी में शामिल होने की बात तो मैं और आप यह अच्छी तरह से जान रहे हैं कि वह आपके प्रत्याशी को कितना वोट दिला पाएंगे। वह तो कपड़ा की तरह पार्टी बदल रहे हैं। कभी इसमें तो कभी उसमें। इस बार मतदाता खुलकर सामने नहीं आएंगे। मैं भी लगातार लोगों से संपर्क कर उनका मन टटोल रहा हूं। ज्यादातर लोग विकास कार्यों को देखते हुए मेरे प्रत्याशी के नाम पर ही ठप्पा लगा रहे हैं। आप तो ऐसी बात कर रहे हैं नेता जी की जैसे आप जनता को नहीं जानते है कि वह क्या चीज है।