गाजीपुर। मुहम्मदाबाद तहसील की दो सड़कों का विशेष मरम्मत के नाम पर पूरा पैसा निकालने का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इन सड़कों का पूरा पैसा अफसर व कर्मचारी हजम कर गए हैं। आलम यह है कि एक सड़क का तो बिना टेंडर किए ही पूरा पैसा निकाला गया है। यह मामला प्रकाश में आते ही जनपद के आला अफसरों की तंद्रा टूटी और जिलाधिकारी के बाला जी ने आनन-फानन में इसकी जांच बैठा दी। लाखों के गोलमाल की जांच मुख्य विकास अधिकारी हरिकेष चौरसिया के जिम्मे सौंपा गया है। सड़क की जांच शुरू होते ही, सड़क की साफ-सफाई और निर्माण कराने की दिशा में कवायद शुरू कर दी गई है। यह देख ग्रामीण आक्रोशित हैं।
मुहम्मदाबाद तहसील के शेरपुरकला- प्रधान के डेरा से जलालपुर गांव की सड़क 20 अक्टूबर 2016 को स्वीकृत हुई और विशेष मरम्मत के नाम पर दिया गया दस लाख रुपये बिना कार्य कराए ही निकाल लिया गया है, जबकि दूसरी सड़क अप्रैल 2018 को स्वीकृत हुई। यह कुंडेसर-शेरपुर मार्ग चार किमी तक की सड़क के विशेष मरम्मत के लिए 36 लाख रुपये शासन से दिए गए, लेकिन बिना टेंडर कराए ही पूरा पैसा विभागीय अफसरों और कर्मचारियों के माध्यम से निकाल लिया गया। इस खबर को बीते 21 सितंबर को दो नंबर पेज पर ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन की तंद्रा टूटी और जिलाधिकारी के बाला जी ने इस पूरे प्रकरण में जांच का जिम्मा सीडीओ को सौंप दिया। मुख्य विकास अधिकारी का जांच मिलते ही लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग के उच्चाधिकारी से लेकर कर्मचारी तक मामले को दबाने में जुट गए हैं। लेकिन मामला तूल पकड़ते देख अब इन मार्गों की साफ-सफाई और निर्माण का कार्य अंदर ही अंदर शुरू होने जा रहा है। पिछले दो दिनों से सड़क की सफाई में कई मजदूर लगाए गए हैं। रात-दिन सड़क की साफ-सफाई का कार्य चल रहा है। विभाग के जानकारों की माने तो अधिकारी इन सड़कों की विशेष मरम्मत दिखा कर पुराने गोलमाल को ठंडे बस्ते में डालना चाह रहे हैं, लेकिन ग्रामीण काफी जागरूक हैं और लोगों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल से लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों और जिले के आला अफसरों तक को जमीनी हकीकत बताने का कार्य किया है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी हरिकेष चौरसिया का कहना है कि सड़क में गड़बड़ी की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी मिलेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।