नंदगंज (गाजीपुर)।
जिले में एकमात्र औद्योगिक क्षेत्र नंदगंज में स्थापित है। इसका क्षेत्रफल करीब 20 बीघे में फैला है। यहां के सभी प्लाटों का आवंटन भी किया जा चुका है लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में लगे कल कारखाने सुविधा के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। वर्तमान समय में आधा से अधिक कल कारखाने बंद पड़े हुए हैं। देखा जाए तो औद्योगिक क्षेत्र में करीब दो दर्जन उद्योग लगाए गए हैं। इसमें एक दर्जन उद्योग चालू हालत में हैं, जबकि बाकी बंद पड़े हुए हैं।
नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र के वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो कुछ उद्योग ही चल रहे हैं। सुविधा न मिलने के बावजूद चलने वाले उद्योगों में इंजीनियरिंग वर्क्स, पेपर मिल, कोल्ड स्टोरेज, आरो प्लांट, फर्नीचर उद्योग, साड़ी कारखाना, लाई फैक्ट्री, पेपर कंवर्जन उद्योग, बालाजी चौखट, प्लास्टिक उद्योग, राइस मिल और पंखा फैक्ट्री शामिल हैं। जबकि लंबे समय से बंद और धूल फांक रहे उद्योगों में आरा मशीन, बैंडेज मिल, कॉटन मिल, ऑयल मिल, कॉपर वायर और सीमेंट फैक्ट्री शामिल हैं।
यहां उद्योग संचालित करने वाले उद्यमियों की माने तो यहां की सड़क काफी खराब है। जगह-जगह गिट्टी उखड़ी हुई है। वाहनों को आने-जाने में परेशानी होती है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की प्यास बुझाने के लिए पीने के पानी के लिए लगाई गई पानी टंकी वर्षों से बंद पड़ी है। इस औद्योगिक क्षेत्र की चहारदीवारी टूटी हुई है। इसमें दिन भर आवारा पशु घूमते रहते हैं। नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आना-जाने का कोई समय नहीं है। प्रतिदिन दिन में बिजली मात्र तीन-चार घंटे ही रहती है। इससे कल-कारखाने बंद पड़े रहते हैं। औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों में सरफराज अहमद, लालजी यादव, भोला यादव, रमेश जायसवाल, मुकेश सिंह, जेपी राय, आईडी सिंह, राकेश राय आदि लोगों का कहना है कि हमलोगों ने उद्योग तो लगा लिया है लेकिन सुविधा के अभाव में हमारे उद्योग-धंधे चौपट होते जा रहे हैं। सरकार इस क्षेत्र की तरफ ध्यान नहीं दे रही है जबकि गाजीपुर जिले के एक मात्र औद्योगिक क्षेत्र नंदगंज में बंद पड़ी चीनी मिल और शराब फैक्ट्री स्थापित है।