गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना में सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में दोषी पाए जाने पर सैदपुर सीएचसी पर तैनात लिपिक के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य महकमे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक (प्रशासन) ने की है। लिपिक के निलंबन के बाद उसे वाराणसी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस गोलमाल की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही थी। चार लाख रुपये का गोलमाल लिपिक ने फैजाबाद जिले के खंडासा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती के दौरान की थी।
वर्ष 2009-10 में फैजाबाद के खंडासा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात लिपिक आत्मानंद त्रिपाठी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत चेक संख्या 024141 द्वारा मिली चार लाख की धनराशि अपने व्यक्तिगत खाते में जमा करने का आरोप लगा था। मामला प्रकाश में आते ही इसकी जांच शासन की ओर से सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई द्वारा जांच करने के बाद पूरी रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई। जिसमें आरोप की पुष्टि मिलने पर लिपिक के निलंबन की कार्रवाई स्वास्थ्य महकमे के निदेशक ने की है। इधर लिपिक आत्मानंद की जांच के दौरान ही उनका स्थानांतरण जनपद के सैदपुर स्थित सीएचसी पर हुआ था। सीबीआई की जांच रिपोर्ट में लिपिक के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया था। उधर मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक (प्रशासन) की ओर से बीते तीन अगस्त को जिले के सीएमओ को पत्र जारी कर लिपिक को निलंबित करने की जानकारी दी गई। निलंबन करने के बाद लिपिक को शासन के निर्देश पर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वाराणसी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।