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भंडारे के साथ गायत्री महायज्ञ समाप्त

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मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में नगर के कोट मुहल्ला में चल रहे चार दिवसीय शक्ति संवर्धन 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का समापन शनिवार को भंडारे के साथ हुआ। चार दिन तक चले महायज्ञ में प्रतिदिन सुबह में योग शिविर, 24 कुण्डीय यज्ञशाला में आहुति एवं शाम को कथा वाचक देवता प्रसाद शर्मा द्वारा संगीतमय प्रवचन का कार्यक्रम हुआ। शनिवार को प्रवचन करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि समाज में नशा, दहेज, भ्रूण हत्या सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है। हमें इस बुराइयों को दूर करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि नशा नाश की जननी है। आज युवा गुटका खाकर बर्बाद हो रहे हैं। गुटका से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होती है जिससे जीवन तो नष्ट होता ही है पूरा परिवार आर्थिक रूप से तबाह हो जा रहा है। नशा मुक्ति के संकल्प के साथ ही हमें कन्या भ्रूण हत्या को भी रोकना होगा। बेटी दो परिवारों के भाग्य की निर्मात्री होती है। वह मायके में मां-बाप की सुख में भले ही शामिल नहीं हो पाती परन्तु दुख पड़ने पर सबसे पहले पहुंचती है। दहेज रूपी दानव को हम सबको मिलकर समाप्त करना होगा, ताकि किसी गरीब की बेटी दहेज उत्पीड़न का शिकार न हो। यज्ञ के दौरान विवाह संस्कार व उपनयन संस्कार सम्पन्न कराए गये। रात्रि में दीप यज्ञ का आयोजन हुआ। बैदिक मंत्रोच्चार तथा हवन पूजन, भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन हुआ। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बल्लभदास अग्रवाल, मातादीन मिश्रा, हृदय नाराण प्रजापति, भृगुनाथ राय, मिथिलेश उपाध्याय आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई।
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