कासिमाबाद। ज्ञान अनमोल धरोहर है। ज्ञान से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है। ज्ञानी व्यक्ति को अभिमान नहीं होना चाहिए। यह बातें गोपालानंद ठाकुरजी महाराज ने बुधवार को बालिका इंटर कॉलेज में परमार्थ उत्थान एवं अनुसंधान संस्थान की ओर से आयोजित भागवत कथा के छठे दिन गुरुवार को कही।
उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़ कर कोई धर्म नहीं है। माता-पिता पृथ्वी पर साक्षात भगवान हैं। हमें उनकी हमेशा सेवा करनी चाहिए। मातृशक्ति दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है। पत्नी पति को खिलाए बिना सो सकती है लेकिन मां अपने बेटे को बिना खिलाए कभी नहीं सो सकती। जिसने भी अगर माता-पिता के चरणों में मन लगा दिया उसका बेड़ा पार हो जाएगा। मां की ममता अनमोल धरोहर है। इसे खोना नहीं चाहिए। भगवान राम प्रात: काल उठकर माता-पिता और गुरु का पैर छूते थे। कहा कि प्रात: काल माता पिता एवं गुरु का पैर छूने वाला बालक अल्प समय में ही अपनी शिक्षा पूरी कर लेता है। हर व्यक्ति को दीन दुखी समाज परिवार और बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। सेवा करके धन्य बन सकते हैं। गंदगी साफ करने से बड़ा पुण्य कोई नहीं है। हमें अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना चाहिए। कथा के छठे दिन उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्रनाथ पांडेय, मुरलीधर मौर्य, अरविंद सिंह, संतोष सिंह, बृजभूषण सिंह, ममता वर्मा, आशा वर्मा, डॉ. सुमन मौर्या, लालता यादव, अमित सिंह, शशिभूषण सिंह, आनंद सिंह लोहा आदि उपस्थित थे। संचालन संजीव जी महाराज ने किया।