गाजीपुर। पिछले दो दिनों से लगातार जलस्तर बढ़ने के बाद सोमवार की दोपहर से गंगा स्थिर हो गईं। शनिवार की शाम पांच बजे से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरू हुआ। पहले एक सेमी प्रति घंटे से जलस्तर में शुरू हुई बढ़ोतरी बाद में दो सेमी प्रति घंटे तक पहुंच गईं। इस लगातार बढ़ाव के बाद गंगा का जलस्तर 52.880 मीटर पर पहुंच गया। सोमवार को दोपहर में गंगा स्थिर थी। गाजीपुर में खतरे का निशान 63.615 मीटर है। गंगा के बढ़ाव से तटवर्ती इलाकों के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है।
जिले की सात में से पांच तहसीलें गंगा के बाढ़ से प्रभावित होती है। सैदपुर से लेकर मुहम्मदाबाद तक जमानिया, गाजीपुर और सेवराई तहसील के करीब सैकड़ों गांवों के तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोग बरसात के समय में गंगा के उतार चढ़ाव से प्रभावित होते हैं। तेज धूप और अवर्षण के चलते उधर गंगा का स्वरूप काफी सिमट गया था। इन दिनों बरसात होने के बाद गंगा के जलस्तर में फिर से तेजी आ गई। हालांकि गंगा अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है लेकिन जलस्तर बढ़ने की खबर तटवर्ती लोगों की नींद उड़ा देती है। बारिश होने के बाद शनिवार को शाम पांच बजे से गंगा बढ़ने लगी। आठ बजे के बाद जलस्तर दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ने लगा। यह क्रम अगले दिन रविवार की सुबह 10 बजे तक बना रहा। 11 बजे के बाद गंगा की रफ्तार में थोड़ी कमी आई और जलस्तर बढ़ने का क्रम एक सेमी प्रति मीटर पर आ गया। यह क्रम लगातार बना रहा। सोमवार की सुबह 10 बजे तक गंगा के जल स्तर में दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार बनी रही। इस समय जलस्तर 52.780 मीटर था। इसके बाद दिन में 11 बजे से अचानक रफ्तार में कमी आ गई और यह कमी एक सेमी हो गई। 12 बजे तक जलस्तर 52.790 पर बना रहा। एक बजे से गंगा स्थिर हो गई। इसके बाद तीन बजे तक जलस्तर 52.800 पर स्थिर बना रहा। केंद्रीय जल आयोग के उमाशंकर ने बताया कि हल्की बरसात के बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। अभी स्थिरता बनी हुई है।