गाजीपुर। शुक्रवार की रात 33 हजार लाइन में फाल्ट होने से दर्जनों गांव अंधेरे में डूब गए। रात में एक तरफ जहां बिजली के अभाव में लोगों को तरह-तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ी। वहीं सुबह पानी के लिए ठंड के मौसम में पसीना बहाना पड़ा। 15 घंटा बाद दूसरे दिन शनिवार को दिन में आपूर्ति शुरू होने पर लोगों ने राहत की सास ली। 33 हजार की लाइन में बार-बार फाल्ट होने से घंटों उपभोक्ताओं को आपूर्ति से वंचित होना पड़ रहा है। इससे विभाग के प्रति उनमें रोष गहराता जा रहा है।
रात में करीब 8 बजे जमानिया पेट्रोल पम्प के पास 33 हजार लाइन में फाल्ट होने से दर्जनों गांव की बत्ती गुल हो गई। बिजली गायब होते ही उभोक्ताओं के परेशानी बढ़ गई। उन्होंने सोचा कि शायद कहीं छोटा-मोटा फाल्ट हुआ होगा, उसे दुुरुस्त कर अब-तब आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। बिजली के इंतजार में रात बीत गई, लेकिन लोगों को इसका दर्शन नहीं हुआ। सर्दी का मौसम होने की वजह से रात में बिजली का गायब रहना लोगों को कुछ कम खला, लेकिन सुबह इसके अभाव में पानी को लेकर परेशानी बढ़ गई। कड़ाके की सर्दी में डिब्बा-बाल्टी लेकर लोगों को हैंडपंपों और कुओं तक की दौड़ लगानी पड़ी। लोगों ने थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर किसी तरह से काम चलाया। बिजली पर आधारित कारोबारी बिजली का इंतजार करते रहे। शनिवार को दिन में 11 बजे बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सास ली। कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी थी। उनका आरोप था कि 13 दिनों में इसी फाल्ट की वजह से आठ रात लोगों को बिजली आपूर्ति से वंचित होना पड़ा है। हर बार 33 हजार लाइन में फाल्ट आने से आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी बार-बार होने वाले इस फाल्ट को लेकर गंभीर नहीं हो रहे है। अच्छे तरीके से कार्य नहीं कराया जा रहा है, जिससे बार-बार फाल्ट हो रहा है। इस संबंध में विद्युत उपकेंद्र के जेई एके सिन्हा ने बताया कि जमानिया पेट्रोल पंप के पास 33 हजार लाइन में फाल्ट होने से 15 घंटा आपूर्ति प्रभावित रही।
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