इसके अलावा नालियों में लार्वी साइड और गलियों में फॉगिंग की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में इन सभी कार्यों के लिए जिला पंचायती राज विभाग के द्वारा और नगरीय इलाकों में नगर पालिका और नगर पंचायत द्वारा सहयोग किया जा रहा है। साथ ही लोगों को जागरूक करने का भी काम किया जा रहा है। परिवार को डेंगू से कैसे बचाएं, इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। डेंगू पीड़ित के परिवार के लोगों की फीवर एवं मलेरिया की जांच भी कराई जा रही है।
बीमार होने वालों में 70 प्रतिशत पुरुष तो 30 प्रतिशत हैं महिलाएं
जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जनपद में डेंगू के संभावित मरीजों की लगातार जांच व उपचार की प्रक्रिया की जा रही है। जिनकी एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है उन्हें तत्काल उपचार पर रखा जा रहा है। जनपद में इस वर्ष अब तक 109 डेंगू के मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है। देखा जा रहा है कि एक्टिव केस में 70 प्रतिशत पुरुष तो 30 प्रतिशत महिलाएं हैं।
दिन में और शरीर के निचले हिस्से में काटता है डेंगू का मच्छर:डीएमओ
डेंगू का मच्छर दिन में और शरीर के निचले हिस्से में डंक मारता है, इसलिए यह सलाह दी जाती है कि पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर में पर्याप्त प्रकाश तथा हवा की व्यवस्था रखेंष। बीमार होने पर आशा, एएनएम या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर संपर्क करें, जहां जांच एवं उपचार की सभी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध है।
डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व जिला मलेरिया इकाई पूरी तरह से सतर्क है। जनमानस को भी जागरूक होने और सहयोग करने की आवश्यकता है। लोगों से अपील है कि घर-घर जाने वाली टीमों को सहयोग प्रदान करते हुए सही सूचना उपलब्ध कराएं। घर के अंदर व आस-पास पानी जमा न होने दें। साथ ही साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें। - डॉ. देश दीपक पाल, सीएमओ