गाजीपुर। रोशनी, ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के बीच बृहस्पतिवार को आईटीआई मैदान, प्रकाशनगर एक बड़े शादी मंडप में बदल गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जनपद भर से आए 108 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। शुभारम्भ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और यादगार क्षण तब आया, जब मंच से मुख्य अतिथि ने बटन दबाकर एक साथ 108 वधुओं के खातों में 60-60 हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। यह दृश्य देख कई परिवारों की आंखें नम हो गईं। वर्षों से बेटियों की शादी की चिंता में डूबे गरीब, मजदूर और असहाय परिवारों के लिए यह योजना किसी राहत की सांस जैसी रही। सफल आयोजन पर जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव ने आभार व्यक्त किया।
एक जोड़े पर एक लाख का व्यय
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। इसमें 60 हजार रुपये की धनराशि सीधे वधु के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई, जबकि 25 हजार रुपये के घरेलू उपयोगी उपहार दिए गए। इसके अलावा 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर व्यय किए जाते हैं।
यह मिले उपहार
उपहार सामग्री में वधू को साड़ी-ब्लाउज, पेटीकोट, चुनरी, चांदी की पायल व बिछिया, डिनर सेट, कुकर, ट्रॉली बैग, कूलर, आयरन, सीलिंग फैन, गद्दा-तकिया, कंबल और वर के लिए कपड़े सहित अन्य आवश्यक गृह उपयोगी सामान शामिल रहे।
अब बेटी बोझ नहीं, नई शुरुआत है
बरेसर क्षेत्र से आए एक मजदूर पिता ने बताया कि बिटिया की शादी के लिए सालभर से कर्ज का डर था। आज बिना दहेज, सम्मान के साथ शादी हो गई। सरकार की मदद से घर की चिंता हल्की हो गई।
मजदूर पिता की बेटी, एक लाख की मदद बनी सहारा
आईटीआई मैदान में हुए सामूहिक विवाह में जखनियां ब्लॉक की रहने वाली 19 वर्षीय पूजा (बदला हुआ नाम ) की शादी भी हुई। पूजा के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बेटी की शादी में जरूरी सामान और आयोजन कर पाते। उसके पिता ने बताया कि अगर यह योजना न होती तो बेटी की शादी टल जाती। 60 हजार रुपये सीधे खाते में आए हैं, जिससे अब बेटी को नए जीवन की शुरुआत में मदद मिलेगी।
दहेज के डर से शादी रुकी थी, खत्म हुआ तनाव
सैदपुर क्षेत्र के रहने वाले राजेश और संगीता (दोनों का बदला हुआ नाम ) की शादी पिछले साल तय हुई थी, लेकिन दहेज की मांग और खर्च के डर से मामला आगे नहीं बढ़ पाया। परिवार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया और इस बार दोनों का विवाह विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। दूल्हे की मां ने कहा कि बेटे की शादी में जो सामान मिला है, वह घर बसाने के लिए काफी है। वहीं संगीता ने कहा कि अब हम खुशी से नया जीवन शुरू कर रहे हैं।