सुहवल। शिक्षा क्षेत्र रेवतीपुर में अनियमित तैनाती के चलते शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है। कई विद्यालयों में एक ही अध्यापक है तो कहीं मात्र दो ही। हैरानी की बात तो यह है कि एक स्कूल में दो-दो प्रधानाध्यापकों को नियुक्त कर दिया गया है। वहीं एक विद्यालय शिक्षक के अभाव में प्राय: बंद ही रहता है। वहां कोई नियमित शिक्षक तैनात नहीं है। कभी-कभी दूसरे स्कूल से शिक्षक आ कर छात्रों को पढ़ा देते हैं। जानकारी के बाद भी विभागीय अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं।
शिक्षा क्षेत्र रेवतीपुर में 88 प्राथमिक और 41 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए अनियमित तरीके से शिक्षकों की तैनाती की गई है। प्राथमिक विद्यालय डेढ़गांवां में करीब छह माह से दो-दो प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। डेढ़गांवा स्कूल का चयन इंग्लिश मीडियम में हो गया। इसके बाद वहां नियमानुसार नए प्रधानाध्यापक की तैनाती तो कर दी गई, लेकिन पुराने प्रधानाध्यापक को अन्यत्र नहीं भेजा गया। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय गजरही पूरी तरह से शिक्षक विहीन है। एबीएसए कभी-कभी बगल के स्कूल से शिक्षक को भेजकर किसी तरह शिक्षण का कार्य कराते हैं। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय चक कल्याण, उच्च प्राथमिक विद्यालय तिलवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय दुल्लहपुर सहित कुछ अन्य विद्यालयों में एक-एक शिक्षक हैं। विभागीय अधिकारियों को इस व्यवस्था के बारे में सब कुछ जानकारी है फिर भी वह बेपरवाह बने हुए हैं। जिलाधिकारी के बालाजी ने बताया कि अगर ऐसा है तो इस पूरे मामले की छानबीन कराई जाएगी। लापरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों पर मानक तथा नियम के तहत शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।