खानपुर(गाजीपुर)। सरवरपुर गांव में गुरुवार की रात खंभे में उतरे करेंट की जद में आने से सुनील राजभर (32) की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सरवरपुर निवासी पप्पू राजभर (आठ) पुत्र सचिन राजभर बारिश बंद होने के बाद रात करीब आठ बजे घर से बाहर निकला। गांव के किनारे स्थित पंपिंग सेट के पास विद्युत खंभे से लगे छरकी में करेंट प्रवाहित हो रहा था। वह उसे पकड़ लिया, जिससे वह चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर कुछ ही दूरी पर मौजूद अजय राजभर (18) वहां पहुंचा और सचिन को करेंट से छुड़ा दिया, जबकि वह करेंट से चिपक गया। उसे करेंट से चिपका देख कुछ ही दूरी पर मौजूद शिवधनी राजभर का पुत्र सुनील राजभर (32) दौड़ कर मौके पर पहुंचा और अजय को छुड़ाने लगा। अजय तो छूट गया, लेकिन सुनील सट गया। इस पर पप्लू और अजय शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने तत्काल विद्युत उपकेंद्र को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई। परिवार के लोग आनन-फानन में सुनील और अजय को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर ले गए, जहां सुनील की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि प्राथमिक उपचार के बाद अजय वालग्रीन अस्पताल में ले जाया गया। परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे लेकर थाने ले आई। इस संबंध में थानाध्यक्ष शैलेश यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार की तरफ से बिजली विभाग के खिलाफ कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिली तो मामले की छानबीन की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बिजली विभाग के जेई नत्थू राम यादव ने बताया कि यह मौत उपभोक्ता की गलती से हुई है। इसमें बिजली विभाग की कोई गलती नहीं है। ट्रांसफार्मर से पंपिग सेट पर जो कनेक्शन ले जाया गया था, उसका केबिल टाइट करने के लिए उपभोक्ता की तरफ से खंभा में छरकी लगाया गया था। विभाग ने छरकी नहीं लगाया था।