दिलदारनगर। कार्यवाहक थानाध्यक्ष की ओर से अपहरण की रिपोर्ट की धारा बदलने की वजह से अपहरण के आरोपियों को जमानत मिलने का मामला गरमाने लगा है। मंगलवार को नाराज कारोबारियों ने नगर में बैठक की। इसके बाद थाना पहुंचकर क्षेत्राधिकारी आरबी सिंह से मुलाकात की। इस दौरान वार्ता में उन्होंने कहा कि जमानत पर छूटे आरोपियों को अपहरण की धारा में 72 घंटे के अंदर जेल भेजा जाए। ऐसा नहीं हुआ तो कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि जमीन विवाद को लेकर बीते 30 जून को नगर के व्यापारी अरविंद जायसवाल को जबरदस्ती उठा ले जाने का प्रयास किया गया था। इस मामले में पीड़ित ने दो नामजद सहित 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा था। पुलिस ने अपहरण की धारा को बदलकर मारपीट की धारा में परिवर्तन कर दिया था, जिससे दोनों आरोपियों को जमानत मिल गई। चेतावनी दी कि जमानत पर छूटे आरोपियों को अपहरण की धारा में 72 घंटे के अंदर जेल भेजा जाए। ऐसा नहीं हुआ तो व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरने को विवश होंगे। क्षेत्राधिकारी आरबी सिंह ने कारोबारियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने कार्यवाहक थाना प्रभारी मंटू राम को लाइन हाजिर कर दिया था।
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