जमानिया/मतसा (गाजीपुर)। एक तरफ जहां पुलिस के आला अधिकारी आएदिन मातहतों को छोटी से छोटी घटना होने पर तत्काल मौके पर पहुंचने का निर्देश दे रहे हैं। वहीं कोतवाली पुलिस मंदिर में हुई की जांच करने छह दिन बाद पहुंची। इसको लेकर लोग तरह-तरह की चर्चा करते रहे।
बीते 26 मई की रात क्षेत्र केे महेवा गांव स्थित महेश्वर नाथ मंदिर का दान पेटिका तोड़कर चोरों ने हजारों रुपए उड़ा दिए थे। चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मंदिर के महंत जगमोहन दास महाराज ने बताया कि बीते 26 मई की देेर रात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। आरोप लगाया कि 27 मई को कोतवाली में मैने घटना की तहरीर दी, लेकिन कोई पुलिस कर्मी मामले की जांच करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। जबकि चोरी की वारदात सीसीटीवी में कैद है। इसके माध्यम से चोरों की पहचान आसानी हो सकती है, लेकिन पुलिस मामले की जांच करने से कतराती रही। बताया कि मैने पुन: एक जून को पुलिस से मामले की शिकायत की। इस पर शुक्रवार की शाम पुलिस मंदिर पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल करते हुए सीसीटीवी फुटेज को देखा और बयान दर्ज वापस लौट गई। पुलिस की इसी लापरवाही की वजह से चोरों का हौसला बुलंद है। तहरीर देने के बाद यदि पुलिस गंभीर होते तत्काल मामले की छानबीन शुरू कर दी होती तो शायद अब तक चोर पुलिस के फंदे में होते। इस संबंध में कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद से ही पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज को देखा गया है। उसमें मौजूद चोरों की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।