भारतीय संविधान के रचयिता एवं देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर शहर के पीरनगर स्थित उनके प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से बुधवार को आयोजित की गई। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें देश का महान नेता बताया। कहा कि वह सरलता और सादगी के पर्याय थे।
उन्होंने कहा कि वह अत्यंत विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। महासभा के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन से उनकी प्रतिमा को और ऊंचाई पर स्थापित करने की मांग की। इसके साथ ही प्रतिमा स्थल की दीवारों पर लिखे गए प्रचार लेखन पर आपत्ति जताई। पालिका प्रशासन से संबंधित के विरुद्ध सार्वजनिक स्थल के दुरुपयोग करने के लिए कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश, पीयूष, अमरनाथ, चंद्रप्रकाश, आशुतोष, परमानंद, राहुल, नन्हे, राजेंद्र, संतोष श्रीवास्तव, परवेज अहमद, विजय कुमार श्रीवास्तव, पारसनाथ सिंह, परशुराम लाल, डा. सुधीर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मोहनलाल श्रीवास्तव ने किया। कायस्थ चित्रगुप्त महासभा की गोष्ठी में जिलाध्यक्ष संदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि डा. प्रसाद भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे। इस मौके पर राजेंद्र अस्थाना, अशोक श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव, रितेश श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, विजय प्रकाश श्रीवास्तव तथा शरद श्रीवास्तव उपस्थित थे। संचालन रवि श्रीवास्तव ने किया।