भांवरकोल (गाजीपुर)। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से जारी धरना के दौरान सीडीपीओ सहित लिपिक और मुख्य सेविकाओं द्वारा डराने-धमकाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में थाने पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष शीला तिवारी ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने हक के लिए कई दिनों से जिले के विभिन्न विकास खंडों पर स्थित आंगनबाड़ी कार्यालय के सामने धरना दे रही है। सोमवार को भांवरकोल ब्लाक में चल रहे धरने को बंद कराने के लिए सीडीपीओ, लिपिक और दो सेविकाएं घेर कर कार्यकर्ताओं को गाली देने के साथ नौकरी से निकालने की धमकी देने लगीं। यहीं नहीं उल्टे ही थाने में जाकर कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रार्थना पत्र भी दिया। चेताया कि अगर कर्मचारियों की आदत में सुधार नहीं आएगा तो आने वाले समय में उनको गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा सिंह ने कहा कि अपने हक-हकूक के लिए धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं के साथ की गई अभद्रता काफी निंदनीय है। अगर पुलिस प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इनके खिलाफ बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। इस मौके पर संरक्षक अमरनाथ, माया यादव, ममता गुप्ता, अंजू आरा, प्रमिला गुप्ता, अनीता, मीरा, कंचन, आशा जायसवाल, प्रमिला कुशवाहा आदि मौजूद रहीं।