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उपकेंद्रों के बंद रहने से मिशन इंद्रधनुष हो रहा फेल

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गाजीपुर। जिले के 60 उपकेंद्रों के बंद रहने से मिशन इंद्रधनुष पूरी तरह फेल हो रहा है। लाख प्रयास के बाद भी अभियान का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है। पिछले माह एक सप्ताह तक चले अभियान में चिह्नित 55 हजार 949 बच्चों में से मात्र 27 हजार 168 का ही टीकाकरण हो पाया है। जबकि टीका पैंटावेंलट-3 के तहत मात्र 3398 बच्चों को ही टीका लग पाया है। करीब 14 हजार से ऊपर बच्चों को अभी तक टीका नहीं लग पाया है।
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विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा था। ईंट-भट्ठों और ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण से वंचित रहने वाले पांच वर्ष तक के बच्चों को आच्छादित करने के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान को सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान में तब्दील कर दिया गया। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से इस अभियान पर विशेष नजर रखी गई है। जिले में अभियान शुरू होने से पहले विभाग की टीम द्वारा टीका से वंचित बच्चों का सर्वे कराया गया। इसमें 55 हजार 949 टीकाकरण से वंचित और 17 हजार 472 बच्चे टीका पैंटावेंलट-3 से वंचित पाए गए। सर्वे के मुताबिक बीते नौ अक्तूबर से 17 अक्तूबर तक चले एक सप्ताह के अभियान में 2682 जगहों पर कैंप का आयोजन तो किया गया लेकिन 55 हजार 949 में से 27 हजार 168 और 17 हजार 442 में से तीन हजार 398 बच्चों को ही टीका लग पाया। फिसड्डी हो रहे मिशन का मुख्य कारण करीब 60 उपकेंद्रों का बंद रहना है। आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए तो पूरे जिले में 393 उपकेंद्र है। इन उपकेंद्रों पर तैनात करने के लिए विभाग के पास स्थायी और संविदा मिलाकर 420 एएनएम हैं लेकिन एक-एक उपकेंद्र पर दो से तीन एएनएम की तैनाती के साथ कई एएनएम का उपकेंद्र पर नहीं आने से सघन मिशन इंद्रधनुष को पूरी तरह से फेल नजर आया।
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