मुहम्मदाबाद। ऋण मोचन योजना 2017 के तहत साधन सहकारी समितियों के एनपीए ऋणी किसानों के ऋण माफ करने की कवायद शुरू की गई है। ऋणी सदस्यों का डाटा एनआईसी के पोर्टल पर लोड किए जाने के बाद उसकी सूची क्षेत्रीय लेखपालों को सत्यापन के लिए सौंप दी गई है।
ऋण मोचन योजना के तहत पहले चरण में गैर एनपीए ऋणी किसानों के एक लाख रुपये तक का कर्जा सरकार की तरफ से माफ किया गया। माफी का प्रमाण पत्र जगह-जगह समारोह आयोजित कर वितरित किया जा रहा है। इसी बीच प्रदेश सरकार ने सहकारी समितियों के एनपीए ऋणी किसानों का कर्जा माफ करने का निर्णय लिया। प्रदेश मंत्रीमंडल ने निर्णय लिया कि सहकारी समितियों के ऋणी किसानों के एनपीए ऋण के मूलधन का 75 प्रतिशत सरकार देगी। शेष 25 प्रतिशत मूलधन एवं ब्याज की धनराशि बैंक की ओर से दी जाएगी। पहले यह सुविधा सिर्फ सहकारी समिति के सदस्यों को दी जाएगी। उसके बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों के एनपीए ऋण पर निर्णय लिया जाएगा। इसी के तहत जिले के लगभग 23 हजार एनपीए ऋण वाले किसानों की सूची एनआईसी के पोर्टल पर लोड कराने के बाद सूची संबंधित लेखपालों को सत्यापन के लिए सौंप दी गई है। लेखपाल किसानों के खेतों का सत्यापन करेंगे और लघु एवं सीमांत कृषकों से शपथ पत्र लेकर ऋणमाफी की संस्तुति करेंगे। बड़े कृषकों का ऋण माफ नहीं हो सकेगा। अपर जिला सहकारी अधिकारी मुहम्मदाबाद राधेश्याम सिंह ने कहा कि सहकारी समितियों के एनपीए ऋणी किसानों के ऋण माफी की प्रक्रिया चल रही है। ऋणी किसान लेखपालों से मिलकर अपना शपथ पत्र प्रस्तुत कर दे तभी उनका ऋण माफ हो सकेगा।