गाजीपुर। मैं तो दरिया हूं, मुझे अपना हुनर मालूम है, जिधर जाऊंगी रास्ता खुद-ब-खुद बन जाएगा। यह अशआर हरिओम कुमार सिंह पर बिल्कुल सटीक बैठता है। महज 14 वर्ष 8 माह 21 दिन की आयु में 18 और 19 जून 2016 को लगातार 24 घंटे में 261 पोर्ट्रेट बनाकर लिम्का बुक आफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाले इस होनहार की तमन्ना कैरीकेचर के क्षेत्र में बने विश्व रिकार्ड को तोड़ने की हैै। विश्व रिकार्ड तोड़ने के सपने को पूरा करने के इस अभियान का शुभारंभ हरिओम वाराणसी स्थित राजकीय क्वींस कॉलेज से 8 नवंबर की शाम 5 बजे से करेंगे।
जिले के देवकली विकासखंड एवं ग्राम निवासी रमेश सिंह एवं गीता देवी के पुत्र शहर के जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 12 के छात्र हरिओम दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करते ही महज छोटी सी उम्र में ही लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराने के बाद से ही विश्व रिकार्ड का सपना देखते रहे हैं। लांगेस्ट मैराथन ड्राइंग कैरीकेचर (इंडीविजुअल) विषय के अंतर्गत कनाडा देश के रोनाल्ड फ्रांसिस हैबरलिंग के नाम 61 घंटे 55 मिनट तक लगातार कैरीकेचर ड्राइंग करने का विश्व रिकार्ड हैै। गिनीज बुक में दर्ज इस रिकार्ड को हरिओम तोड़ना चाहते हैं। वह इस रिकार्ड को तोड़ने का अभियान महज 16 वर्ष 1 माह 10 दिन की उम्र में पूरा करेंगे। उसने जवाहर नवोदय विद्यालय में वर्ष 2011 में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा-6 में प्रवेश लिया। स्पाट पेंटिंग में राष्ट्रीय तथा स्काउट में राज्य पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। हरिओम का मानना है कि विश्व रिकार्ड तोड़ने का सपना ईश्वरीय कृपा, माता-पिता, गुरुजनों के आशीर्वाद के साथ जनता के सहयोग से ही साकार होगा। वह कहता है कि प्रत्येक देशवासी को अपने वतन के मान-सम्मान के लिए योगदान करना चाहिए।