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22 सितंबर तक हलफनामा देकर पशु हाट मेले को दें लाईसेंस

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दिलदारनगर (गाजीपुर)। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भी पुलिस ने जिला प्रशासन के निर्देश के बाद स्थानीय गांव में लगने वाला दुधारू पशु हाट मेला जबरदस्ती बंद करा दिया गया। इस पर पशु हाट संचालकों ने जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ उच्चन्यायायल में पुन: रिट दाखिल किया था। इस पर उच्च न्यायालय ने बीते दस दिन पूर्व जिला प्रशासन को आदेश दिया कि बीते 18 मई को दिए गए आदेश का पालन करते हुए 22 सितंबर तक हलफनामा देकर लाईसेंस देने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही न्यायालय ने चेतावनी देते हुए कहा अगर आदेश का पालन नहीं होता है तो अवमानना के तहत डीएम और अपर मुख्य अधिकारी को हाजिर होना होगा।
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कई दशकों से स्थानीय गांव स्थित दुधारू पशुओं का मेला प्रत्येक सप्ताह हर रविवार को लगाया जाता था। इसमें पूर्वांचल के जनपदों सहित बिहार, बंगाल, पंजाब, हरियाणा प्रांत के व्यापारी पशुओं की खरीद बिक्री करने आते थे। इस मेले से क्षेत्र के हजारों गरीब, किसान, व्यापारियों के परिवार की जीविका चलती थी। लेकिन जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने बीते 22 अप्रैल की देर शाम मेला बंद करा दिया गया था। इसके चलते इन लोगों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया था। दुधारू पशु मेला के संचालकों ने जिला और पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से आहत होकर उनके इस कार्रवाई को इलाहाबाद स्थित उच्च न्यायालय में चुनौती थी। उच्च न्यायालय के न्याय मूर्ति चीफ जस्टिस यशवंत वर्मा की डबल बेंच ने इस पर सुनवाई करते हुए बीते 18 मई पुराना पशुहाट मेले के लाइसेंस के नवीनीकरण करने का आदेश जिलाधिकारी एवं अपर मुख्य अधिकारी दिया था। न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के पांच माह बीत जाने के बाद बावजूद भी जिला प्रशासन द्वारा पशुहाट मेला को चालू करने के लिए लाइसेंस जारी न ही किया। इस पर संचालकों ने पुन: इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोर्ट के आदेश की अवमानना के तहत पुन: रिट दाखिल किया था। इस पर उच्च न्यायालय ने बीते 28 जुलाई को गाजीपुर जिला प्रशासन को आदेश पारित किया कि बीते 18 मई के आदेश का पालन करते हुए हलफनामा देकर 22 सितंबर तक लाइसेंस देने की कार्यवाई सुनिश्चित करें। अन्यथा कोर्ट के अवमानाना के तहत जिलाधिकारी और अपर मुख्य अधिकारी को स्वयं हाईकोर्ट में हाजिर होना होगा।
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