विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने शुक्रवार को नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि से पीड़िता को 70 प्रतिशत धनराशि देने का आदेश दिया है। जमानिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित ने थाना में तहरीर दी कि 12 फरवरी 2017 को वह दुकान पर था। उसकी पत्नी रिश्तेदारी में गई थी। उस दिन घर आकर इरशाद आलमारी को तोड़कर उसमे रखे जेवरात व नकदी और उनकी बेटी को भी बहला फुसलाकर कहीं लेकर चला गया। वादी की सूचना पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया।
पीड़िता का डॉक्टरी मुआयना कराने के बाद न्यायालय में आरोपी इरशाद, शौकत व मो हशन उर्फ गोलू के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से कुल 7 गवाहों को पेश किया गया।
शुक्रवार अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी शौकत व मो हसन उर्फ गोलू को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं इरशाद को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।