पेट्रोलियम क्षेत्र के खतरों और जोखिमों को कम करने की शोधार्थी एनडीआरएफ से कला सीखेंगे। आठवीं बटालियन एनडीआरएफ में देहरादून की यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) की ओर से एक शोध अभियान चलाया जाएगा।
यूपीईएस के शोधार्थी एनडीआरएफ की कार्यप्रणाली को करीब से जानेंगे। एक दिवसीय प्रोग्राम में शोधार्थी आग के खतरों से निपटने के आधुनिक तरीकों से भी रूबरू होंगे। यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एनर्जी स्टडीज का दल एनडीआरएफ के जवानों की सुबह से शाम तक की दिनचर्या पर भी शोध करेगा।
बाढ़, भूकंप, आग सहित विभिन्न आपदाओं के वक्त एनडीआरएफ के राहत-बचाव की जानकारी मुहैया कराने केलिए विशेष लेक्चर आयोजित होंगे। साथ ही आग व अन्य खतरों से निपटने में एनडीआरएफ की महारथ साबित करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया जाएगा।
आठवीं बटालियन कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मार्च के अंत में यूपीईएस केशोधार्थी बटालियन में आकर आपदा-राहत कार्यों पर शोध करेंगे। दल के सदस्यों को एनडीआरएफ की कार्यप्रणाली और आधुनिक उपकरणों से परिचित कराया जाएगा।