दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो का काम अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही सेक्टर-62 टू इंदिरापुरम मेट्रो विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यानी इंदिरापुरम मेट्रो का काम 2016 में ही शुरू होने की उम्मीद है। इस रूट से मेट्रो लाने में कोई अड़चन भी नहीं है।
पूर्व में तैयार डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में इस रूट का एलाइनमेंट क्लीअर मिला था। जीडीए अधिकारियों ने भी इंदिरापुरम मेट्रो का काम जल्द गति पकड़ने की उम्मीद जताई है।
दरअसल, तीन वर्ष पूर्व जीडीए ने डीएमआरसी से सेक्टर-62 टू इंदिरापुरम रूट की डीपीआर तैयार करवाई थी।
डीएमआरसी ने डीपीआर जीडीए को सौंप दी थी। इस डीपीआर के मुताबिक सेक्टर-62 से इंदिरापुरम (अहिंसाखंड) मेट्रो रूट की लंबाई 2.68 किलोमीटर थी। रूट पर दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। पहला स्टेशन सीआईएसएफ और दूसरा अहिंसाखंड होगा।
इस रूट से मेट्रो लाने में कुल 764 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। डीपीआर में बताए फंडिंग पैटर्न के मुताबिक केंद्र सरकार 146.2 करोड़, जीडीए 371.8 करोड़ और डीएमआरसी रोलिंग स्टॉक के रूप में 246 करोड़ रुपये का अंशदान करना था।
अब जीडीए ने नए सिरे से एक स्टेशन के लिए डीपीआर मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक करीब लागत वृद्धि के बावजूद करीब 250 करोड़ रुपये में एक स्टेशन तक मेट्रो का विस्तार हो जाएगा। कोई अड़चन न होने से काम भी इसी वर्ष शुरू हो जाएगा।
लोगों को होगी राहत
मेट्रो विस्तार से इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा आदि कालोनियों के लाखों लोगों के लिए नोएडा और दिल्ली दोनों का सफर सहज हो जाएगा। एनएच-24 पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।