नागल(सहारनपुर)। पंचायत पर पाबंदी के बावजूद सलेमपुर में इकट्ठा हुए ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव ने बवाल मचा दिया। आपा खो बैठे पुलिसवालों ने निहत्थे लोगों पर लाठियां बरसाईं और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस दौरान हवा में गोलियों की आवाज भी सुनी गई। हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। तनाव को देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
प्रेम-प्रसंग के मामले में युवती की बरामदगी के लिए सलेमपुर में बुलाई गई पंचायत रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को गांव की तमाम सीमाएं सील कर दी थीं। गांव के बाहर भारी पुलिसबल के बावजूद दोपहर में सैकड़ों लोग जंगल के रास्ते गांव पहुंचकर गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन करुणेश के घेर में इकट्ठा हो गए। जिस युवती की बरामदगी को लेकर पंचायत का ऐलान हुआ था, उसके परिजनों ने लोगों को पंचायत स्थगित होने की सूचना दी, जिसके बाद वहां मौजूद लोग नारेबाजी करते हुए लौटने लगे। इसी बीच एडीएम (प्रशासन) दिनेश चंद्रा और एसपी देहात डा. धर्मवीर सिंह पुलिस-पीएसी लेकर मौके पर पहुंचे और तुरंत लाठीचार्ज करा दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे यह इलाका जंग का मैदान बना रहा। हवाई फायरिंग भी हुई। उग्र होती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।