गाजियाबाद। केंद्र सरकार ने प्रीवेंशन ऑफ एंटी मनी लांड्रिंग एक्ट में संशोधन कर 50 हजार तक की गोल्ड ज्वेलरी खरीदने पर पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही ज्वैलर्स को कस्टमर का केवाईसी फार्म भरना को भी कहा है। ताकि कस्टमर की डिटेल बनाई जा सके। यह रिकार्ड उन्हें पांच वर्ष तक रखना होगा। सर्राफा एसोसिएशन इसे अव्यवहारिक मान रही है। जिले में गोल्ड के लिए 85 और चांदी की 16 दुकानों ने हॉलमार्क लिया है। बिना लाइसेंस दुकानों की संख्या करीब 1000 तक है।
शादियों का सीजन 28 अप्रैल से शुरू होगा। सीजन शुरू होते ही सोने-चांदी के कारोबार में तेजी आती है पर केंद्र सरकार के इस निर्णय से कारोबारियों में हताशा है। गाजियाबाद सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री गौरव गर्ग ने बताया कि सोना इतना महंगा है कि 50 हजार रुपये में सीमित ज्वेलरी ही आएगी। हर कस्टमर केवाईसी फार्म नहीं भरता। उन्हाेंने बताया कि यह अव्यवहारिक है, जिसका पालन करना संभव नहीं है।